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खून के सौदागर : तस्कर गिरोह ने खपाया 500 यूनिट रक्त, नशेड़ियों, बीमारों का भी खून बेच दिया

Thu, 13 Oct 2022 05:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 13 Oct 2022 05:18 AM IST
सार

प्रत्येक बुकलेट में 100 रसीदें हैं। खून देते वक्त गिरोह के सदस्य रसीद का एक हिस्सा तीमारदार को दे देते थे। जबकि दूसरा हिस्सा बुकलेट में ही रहता था। बरामद भरी हुई बुकलेट में ऐसी 500 रसीदें मिली हैं।

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Blood merchants: Smuggler gang spent 500 units of blood, also sold blood of addicts, sick
blood - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

जार्जटाउन में गिरफ्तार खून के सौदागर जिले में करीब 500 यूनिट खून खपा चुके  हैं। चिंता की बात यह है कि असुरक्षित तरीके से नशेड़ियों-बीमारों से लिया गया खून भी इसमें शामिल है। तस्कर गिरोह के तार शहर से लेकर देहात तक के कई अस्पतालों-क्लीनिकों से जुड़े हुए थे। पुलिस ने सरगाना शानू समेत अन्य सदस्यों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उनके ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान खून व अन्य सामान के साथ ही बेली अस्पताल ब्लड बैंक की कुल आठ रसीद बुकलेट मिली। इनमें से पांच बुकलेट भरी हुई जबकि शेष तीन खाली थीं। 

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प्रत्येक बुकलेट में 100 रसीदें हैं। खून देते वक्त गिरोह के सदस्य रसीद का एक हिस्सा तीमारदार को दे देते थे। जबकि दूसरा हिस्सा बुकलेट में ही रहता था। बरामद भरी हुई बुकलेट में ऐसी 500 रसीदें मिली हैं। एसपी सिटी संतोष कुमार मीणा का कहना है कि भरी हुई पांच बुकलेट से यह माना जा रहा है कि कम से कम 500 लोगों को गिरोह के सदस्य खून की सप्लाई कर चुके हैं। 

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शहर से लेकर देहात तक के अस्पतालों से जुड़े थे तार
खून तस्कर गिरोह ने अपना जाल शहर से लेकर देहात तक के अस्पतालों तक फैला रखा था। इन अस्पतालों के कर्मचारियों को वह कमीशन का लालच देकर अपने साथ जोड़ लेते थे। जैसे ही किसी मरीज को खून की जरूरत होती थी, कर्मचारी तीमारदारों को गिरोह के सदस्यों से संपर्क करा देते थे। इसके साथ ही कई मेडिकल स्टोर संचालक भी गिरोह से जुड़े थे। गिरफ्तार लोगों में शामिल सचिन यादव भी इन्हीं में से एक है। उसका भाई एसआरएन अस्पताल के पास मेडिकल स्टोर चलाता है। सचिन इसी मेडिकल स्टोर में रहने के दौरान ऐसे तीमारदारों को ढूढ़ता था, जिन्हें खून की जरूरत होती थी। इसके बाद वह गिरोह के लोगों से संपर्क करा देता था। 

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