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कारोबारी को अश्लील वीडियो कॉल के जरिए किया ब्लैकमेल
Mon, 02 Aug 2021 08:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 02 Aug 2021 08:42 PM IST
सार
- 35 हजार रुपये भी ऐंठ लिए, मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
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विस्तार
अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आए तो जरा अलर्ट रहिए। ऐसा नहीं करने पर आप ब्लैकमेलिंग का शिकार हो सकते हैं। खुल्दाबाद के एक ऑटो पार्ट्स कारोबारी को एक ऐसी ही वीडियो कॉल उठाना महंगा पड़ गया। अश्लील वीडियो कॉल के जरिए फंसाने वालों ने ब्लैकमेल कर उनसे 35 हजार रुपये ऐंठ लिए। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्यापारी ने पुलिस को बताया कि 15 जून को उसकेपास फेसबुक मैसेंजर के जरिए एक मैसेज आया। मैसेज एक युवती की प्रोफाइल पिक्चर वाली आईडी से आया था जिसमें उसने बात करने की बात लिखी थी। कुछ देर बाद उनकेव्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही एक युवती नग्न हालत में दिखी, इसकेबाद फोन कट गया। कुछ देर बाद वह बाथरूम में था तभी दोबारा वीडियो कॉल आई और फिर कुछ देर बाद फोन कट गया। अगले दिन एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली साइबर सेल का अफसर बताते हुए कहा कि आपका न्यूड वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है।
उसे डिलीट कराइए वरना आप पर कार्रवाई होगी। खुद को अफसर बताने वाले कॉलर ने वीडियो अपलोड करने वाले का नाम मनोज डे बताते हुए उसका मोबाइल नंबर भी दिया। मनोज से बात करने पर उसने अकाउंट नंबर देते हुए एक लाख रुपयों की मांग की। साथ ही रुपये न देने पर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी वीडियो डालने की धमकी दी।
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जिस पर कारोबार ने उसे 35 हजार रुपये ऑनलाइन दे दिए। रुपये देने के बाद भी ब्लैकमेलिंग जारी है और लगातार धमकी दी जाती रही। जिसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। खुल्दाबाद पुलिस ने बताया कि मामले में अज्ञात महिला व मनोज डे पर धमकाने व आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
वकील व भाजपा नेता भी बन चुके हैं शिकार
अश्लील वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का यह जिले में पहला मामला नहीं है। इससे पहले राजापुर में रहने वाले वकील व शंकरगढ़ के एक भाजपा नेता भी इस गिरोह का शिकार बन चुके हैं। कई अन्य मामलों की शिकायत भी साइबर सेल व साइबर थाने में पहुंची लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं हुए। उधर राजापुर व शंकरगढ़ के मामलों में पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है।
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व्यापारी ने पुलिस को बताया कि 15 जून को उसकेपास फेसबुक मैसेंजर के जरिए एक मैसेज आया। मैसेज एक युवती की प्रोफाइल पिक्चर वाली आईडी से आया था जिसमें उसने बात करने की बात लिखी थी। कुछ देर बाद उनकेव्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही एक युवती नग्न हालत में दिखी, इसकेबाद फोन कट गया। कुछ देर बाद वह बाथरूम में था तभी दोबारा वीडियो कॉल आई और फिर कुछ देर बाद फोन कट गया। अगले दिन एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली साइबर सेल का अफसर बताते हुए कहा कि आपका न्यूड वीडियो यूट्यूब पर वायरल हो रहा है।
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उसे डिलीट कराइए वरना आप पर कार्रवाई होगी। खुद को अफसर बताने वाले कॉलर ने वीडियो अपलोड करने वाले का नाम मनोज डे बताते हुए उसका मोबाइल नंबर भी दिया। मनोज से बात करने पर उसने अकाउंट नंबर देते हुए एक लाख रुपयों की मांग की। साथ ही रुपये न देने पर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर भी वीडियो डालने की धमकी दी।
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जिस पर कारोबार ने उसे 35 हजार रुपये ऑनलाइन दे दिए। रुपये देने के बाद भी ब्लैकमेलिंग जारी है और लगातार धमकी दी जाती रही। जिसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। खुल्दाबाद पुलिस ने बताया कि मामले में अज्ञात महिला व मनोज डे पर धमकाने व आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।
वकील व भाजपा नेता भी बन चुके हैं शिकार
अश्लील वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का यह जिले में पहला मामला नहीं है। इससे पहले राजापुर में रहने वाले वकील व शंकरगढ़ के एक भाजपा नेता भी इस गिरोह का शिकार बन चुके हैं। कई अन्य मामलों की शिकायत भी साइबर सेल व साइबर थाने में पहुंची लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने को तैयार नहीं हुए। उधर राजापुर व शंकरगढ़ के मामलों में पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है।