परेड ग्राउंड में सामाजिक अधिकारिता शिविर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान चार युवकों ने काला कपड़ा दिखाया। इससे मौके पर हंगामा हो गया। वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें जमकर पीट दिया। पुलिस ने केस लिखकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। चारों युवक खुद को सपा से जुड़ा बताते रहे।
पीएम की सुरक्षा में सेंधः प्रयागराज में मोदी को दिखाए काले झंडे, मचा हड़कंप, गिरफ्तार
परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी 11.30 बजे के करीब मंच पर पहुंचे। 12 बजे के करीब वह कार्यक्रम में मौजूद दिव्यांगजनों को संबोधित करने मंच पर आए। पीएम के भाषण को लगभग 10 मिनट ही बीते थे कि मंच के सामने वीवीआईपी गैलरी के पास दिव्यांगजनों के लिए बनी दीर्घा में अचानक चार युवक खड़े हो गए। कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले ही इनमें से दो युवकों ने काले रंग की जैकेट व टीशर्ट निकाल ली और इसे हवा में लहराते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। पुलिसकर्मी जब तक उनके पास पहुंचते वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने चारों को दबोचकर पीटना शुरू कर दिया। मारपीट से वहां अफरातफरी मच गई। तब तक पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और किसी तरह चारों को भीड़ से बचाकर पंडाल से बाहर निकाला। हालांकि, आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ता बाहर निकलकर भी तब तक आरोपियों को पीटते रहे, जब तक कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें वाहन मेें नहीं बैठा लिया। आक्रोश को देखते हुए तुरंत ही क्राइम ब्रांच की टीम चारों को लेकर थाने चली गई। पूछताछ में चारों ने अपना नाम मोहित यादव, सौरभ यादव, जयशंकर रावत उर्फ बबलू व दीपक बताया। यह भी बताया कि वह सपा से जुडे हैं।
मारपीट, बलवा, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी, प्रयागराज
...इसलिए किया विरोध
विरोध की वजह पूछने पर आरोपी सौरभ ने कहा कि वह अखिलेश यादव के कार्यकर्ता हैं। पूर्व में अखिलेश के कार्यक्रम में विपक्षियों ने इसी तरह विरोध प्रदर्शन किया था और उसी को लेकर आज उन्होंने पीएम को काले कपड़े दिखाए। उधर पूछताछ में यह भी सामने आया कि मोहित कीडगंज, सौरभ राजापुर, जयशंकर जार्जटाउन व दीपक करछना का रहने वाला है।
फूल गए अफसरों के हाथ-पांव
कार्यक्रम में जिस वक्त यह घटना हुई, प्रधानमंत्री भाषण दे रहे थे। अचानक शोरगुल होने लगा तो पुलिसकर्मियों समेत सभी की नजर चारों युवकों पर पड़ी। जैसे ही उन्होंने टीशर्ट व जैकेट लहराई, पुलिस अफसरों के होश उड़ गए। उधर घटना के बाद सुरक्षा में तैनात इंटेलिजेंस ब्यूरो कर्मचारी भी आरोपियों के बारे में पूछताछ करते रहे। साथ ही फोन पर अपने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी देते रहे।