उपलब्धि : इविवि में तैयार बिस्किट बाजार में, उच्च प्रोटीन और उच्च लौह तत्वों से युक्त
देश में प्रोटीन एवं कैलोरी की कमी से बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कुपोषण, एनीमिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कुपोषण के कारण बच्चों में क्वाशीओरकोर, मरास्मस, स्टंटिंग जैसी बीमारियां होने लगती हैं।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के गृह विज्ञान विभाग में एक शोध के तहत तैयार किया गया उच्च प्रोटीन एवं उच्च लौह तत्वों से युक्त बिस्किट जल्द ही आम लोगों तक पहुंचेगा। इसके व्यावसायिक उत्पादन के लिए एक कंपनी से समझौता किया गया है।
देश में प्रोटीन एवं कैलोरी की कमी से बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे कुपोषण, एनीमिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं। कुपोषण के कारण बच्चों में क्वाशीओरकोर, मरास्मस, स्टंटिंग जैसी बीमारियां होने लगती हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए गृह विज्ञान विभाग में एक ऐसा बिस्किट तैयार किया गया जो उच्च प्रोटीन और उच्च लौह तत्वों से युक्त है।
शोध के दौरान बिस्किट को नीले-हरे शैवाल स्पिरुलिना के साथ फोर्टिफाइड किया गया था, जिसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए। यह शोध कार्य गृह विज्ञान विभाग की अमातुल फातिमा ने तत्कालीन विभागाध्यक्ष एवं इविवि की वर्तमान कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की देखरेख में किया था। इविवि के खाते में तब बड़ी उपलब्धि आई, जब 2019 में इसे पेटेंट कराया गया।
सबसे बड़ी बात कि शोध का लाभ अब सीधे समाज के लोगों को मिलने जा रहा है। जल्द ही यह बिस्किट बाजार में बिकने लगेगा। इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर के अनुसार इस बिस्किट के व्यावसायिक उत्पादन के लिए 21 अक्तूबर को वेकारिया हेल्थकेयर एलएलपी के साथ समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जल्द ही यह बिस्किट आम लोगों के लिए बाजार में आ जाएगा।