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कथक के भावों में बिरजू महाराज ने किया कान्हा के रास का चित्रण
Tue, 11 Aug 2020 12:30 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 11 Aug 2020 12:30 AM IST
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birju maharaj
- फोटो : अमर उजाला
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कथक नृत्य गुरु पद्मविभूषण पं बिरजू महाराज ने सोमवार को भगवान कृष्ण के अवतार और लीलाओं का कथक की बंदिशों और नृत्य के भावों-इशारों के जरिए व्यक्त किया। उन्होंने भादों की अंधेरी रात में मथुरा की जेल में भगवान कृष्ण केजन्म का चित्रण किया।
साथ ही कोविड-19 के संक्रमण के दौर में लोक कलाकारों को धैर्य रखने का भी संदेश दिया। यह बातें उन्होंने एनसीजेडसीसी की ओर से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ‘कथक कहानी, गुरु बखानी’ विषयक वेबिनार में कही।
शाम छह बजे शुरू हुए वेबिनार में उनकी शिष्या नृत्यांगना शास्वती सेन ने बताया कि कला के प्रवाह को कभी भी रोका नहीं जा सकता। उनका कहना था कि कलाकार साधक होता है और उसकी साधना हमेशा कल्याण का पथ प्रशस्त करती है।
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केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने सवाल किया कि इस कोरोना काल में जब सामूहिकता वाले आयोजनों पर रोक लग गई है, तब कलाकार कैसे आत्मनिर्भर बन सकता है? इस पर शाश्वती का कहना था कि कला ही कलाकार को आत्म निर्भर बनाती है। उन्होंने बताया कि बल्लभाचार्य रचित मधुराष्ट्रकम में कृष्ण के संवाद में प्रेम से लोगों के मन को जीतने की बात कही गई है। इससे पहले केंद्र निदेशक ने अतिथियों का आबार जताया।
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साथ ही कोविड-19 के संक्रमण के दौर में लोक कलाकारों को धैर्य रखने का भी संदेश दिया। यह बातें उन्होंने एनसीजेडसीसी की ओर से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ‘कथक कहानी, गुरु बखानी’ विषयक वेबिनार में कही।
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शाम छह बजे शुरू हुए वेबिनार में उनकी शिष्या नृत्यांगना शास्वती सेन ने बताया कि कला के प्रवाह को कभी भी रोका नहीं जा सकता। उनका कहना था कि कलाकार साधक होता है और उसकी साधना हमेशा कल्याण का पथ प्रशस्त करती है।
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केंद्र निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर ने सवाल किया कि इस कोरोना काल में जब सामूहिकता वाले आयोजनों पर रोक लग गई है, तब कलाकार कैसे आत्मनिर्भर बन सकता है? इस पर शाश्वती का कहना था कि कला ही कलाकार को आत्म निर्भर बनाती है। उन्होंने बताया कि बल्लभाचार्य रचित मधुराष्ट्रकम में कृष्ण के संवाद में प्रेम से लोगों के मन को जीतने की बात कही गई है। इससे पहले केंद्र निदेशक ने अतिथियों का आबार जताया।