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एक होर्डिंग से गरमाया शहर का सियासी माहौल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:10 AM IST
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विवादित पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर का सियासी माहौल मंगलवार को पूरी तरह से गरमाया रहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आगमन पर उनके स्वागत में बालसन चौराहा सहित शहर के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग में पूर्व सांसद एवं सेपा नेता अतीक अहमद, पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता नंद गोपाल गुप्ता नंदी और सपा नेता हर्षवर्धन बाजपेयी की तस्वीरों ने राजनैतिक गलियारे में हलचल मचा दी। तरह-तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। लोग मान बैठे कि शाह की मौजूदगी में तीनों नेता भाजपा ज्वाइन कर लेंगे लेकिन शाम तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। होर्डिंग पर निवेदक के तौर पर हर्षवर्धन की फोटो लगी थी, सो उन्होंने स्थित स्पष्ट करते हुए कहा कि होर्डिंग उन्होंने या उनके कार्यकर्ताओं ने नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों ने लगाई है। फिलहाल इस दो हफ्ते बाद शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा होने वाली है। ऐसे में मोदी के आने तक संशय बना रहेगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।
होर्डिंग किसने लगवाई और इसके पीछे क्या मकसद था, यह तो साफ नहीं हो सका लेकिन इसको लेकर शहर में दिनभर चर्चा का माहौल गर्म रहा। कयास लगाए जाते रहे कि कौशाम्बी में सपा की जनसभा के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पूर्व सांसद अतीक अहमद के प्रति जो रूखा रवैया रहा, वह नए विवादों को जन्म दे सकता है। साथ ही राजू पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद पर सीबीआई का शिकंजा भी कसने लगा है। जांच पूरी होने तक सीबीआई टीम ने यहां सर्किट हाउस में कैम्प ऑफिस भी खोल लिया है। ऐसे में सीबीआई जांच का दबाव भी अतीक अहमद को भाजपा के नजदीक ले जा सकता है। यह भी कहा जाने लगा कि बाहुबली की छवि रखने वाले अतीक की भाजपा से करीबी पार्टी के लिए घातक भी साबित हो सकती है। बिहार का उदाहरण सामने हैं, जहां भाजपा ने चुनाव के दौरान कई बाहुबालियों से हाथ मिला लिया और पार्टी को वहां सत्ता से दूर रह गई।
जहां तक पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता नंदी का सवाल है तो 2014 के लोकसभा चुनाव में ही चर्चा ने जोर पकड़ लिया था कि नंदी को भाजपा से टिकट मिलने जा रहा है लेकिन ऐसा हुआ नहीं और कांग्रेस ने अचानक उन्हें अपना प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया। ऐसे में होर्डिंग देखने के बाद लोगों में चर्चा थी कि नंदी या उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता भाजपा में शामिल हो जाएंगे। हालांकि शाम तक इन चर्चाओं पर हर्षवर्धन बाजपेयी ने विराम लगा दिया। पहले ट्वीट किया और फिर विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्व सांसद अतीक अहमद एवं नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ शहर में जहां भी उनके होर्डिंग लगाए गए हैं, वे न तो उन्होंने और न ही उनके कार्यकर्ताओं ने लगवाए हैं। ये पूरी तरह से विरोधियों की साजिश है, क्यों उन्हें मेरी और मेरे समर्थकों की लोकप्रियता नहीं पच रही है। वहीं, भाजपा के नगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता का कहना है कि भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी दल घबरा गए हैं और इस तरह का होर्डिंग लगाना ओछी हरकत है।
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होर्डिंग किसने लगवाई और इसके पीछे क्या मकसद था, यह तो साफ नहीं हो सका लेकिन इसको लेकर शहर में दिनभर चर्चा का माहौल गर्म रहा। कयास लगाए जाते रहे कि कौशाम्बी में सपा की जनसभा के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पूर्व सांसद अतीक अहमद के प्रति जो रूखा रवैया रहा, वह नए विवादों को जन्म दे सकता है। साथ ही राजू पाल हत्याकांड मामले में अतीक अहमद पर सीबीआई का शिकंजा भी कसने लगा है। जांच पूरी होने तक सीबीआई टीम ने यहां सर्किट हाउस में कैम्प ऑफिस भी खोल लिया है। ऐसे में सीबीआई जांच का दबाव भी अतीक अहमद को भाजपा के नजदीक ले जा सकता है। यह भी कहा जाने लगा कि बाहुबली की छवि रखने वाले अतीक की भाजपा से करीबी पार्टी के लिए घातक भी साबित हो सकती है। बिहार का उदाहरण सामने हैं, जहां भाजपा ने चुनाव के दौरान कई बाहुबालियों से हाथ मिला लिया और पार्टी को वहां सत्ता से दूर रह गई।
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जहां तक पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता नंदी का सवाल है तो 2014 के लोकसभा चुनाव में ही चर्चा ने जोर पकड़ लिया था कि नंदी को भाजपा से टिकट मिलने जा रहा है लेकिन ऐसा हुआ नहीं और कांग्रेस ने अचानक उन्हें अपना प्रत्याशी बनाकर सबको चौंका दिया। ऐसे में होर्डिंग देखने के बाद लोगों में चर्चा थी कि नंदी या उनकी पत्नी अभिलाषा गुप्ता भाजपा में शामिल हो जाएंगे। हालांकि शाम तक इन चर्चाओं पर हर्षवर्धन बाजपेयी ने विराम लगा दिया। पहले ट्वीट किया और फिर विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्व सांसद अतीक अहमद एवं नंद गोपाल गुप्ता नंदी के साथ शहर में जहां भी उनके होर्डिंग लगाए गए हैं, वे न तो उन्होंने और न ही उनके कार्यकर्ताओं ने लगवाए हैं। ये पूरी तरह से विरोधियों की साजिश है, क्यों उन्हें मेरी और मेरे समर्थकों की लोकप्रियता नहीं पच रही है। वहीं, भाजपा के नगर अध्यक्ष अवधेश गुप्ता का कहना है कि भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी दल घबरा गए हैं और इस तरह का होर्डिंग लगाना ओछी हरकत है।
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