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भगवानदास हत्याकांडः खेत मालिक के बेटे ने की थी हत्या
कत्ल
चोरी करके बेच दी थी ट्रैक्टर की बैटरी, विरोध करने पर कर दी हत्या
शाही। फिरोजपुर गांव में भगवान दास की हत्या खेत के मालिक देवेंद्र तोमर के बेटे आदित्य तोमर ने की थी। मृतक के बेटे राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त गुप्ती भी बरामद हो गई है। रविवार को उसे जेल भेजा जाएगा।
पीलीभीत में थाना बीसलपुर के गांव हेतम नगला निवासी 50 वर्षीय भगवानदास ने 11 साल पहले पास के ही गांव मुड़िया करोड़ में स्थित देवेंद्र तोमर की जमीन बंटाई पर ली थी। पुलिस के मुताबिक विश्वासपात्र होने के चलते देवेंद्र ने दो साल पहले शाही के गांव फिरोजपुर स्थित अपनी जमीन और वहां के फार्म हाउस की देखरेख की जिम्मेदारी भी भगवान दास को दे दी। तब भगवानदास फिरोजपुर में ही उनके फार्म हाउस पर रहने लगे। देवेंद्र चौधरी का इकलौता बेटा आदित्य चौधरी नशे का आदी हो गया। उसे सुधारने के लिए देवेंद्र ने खर्च देना बंद कर दिया तो वह फार्म हाउस का सामान बेचने लगा। भगवान दास उसकी शिकायत कर देते थे, जिसके कारण वह नाराज रहता था। भगवान दास के बेटे राजेश ने पुलिस को बताया कि पांच अगस्त को उसके पिता भैंस खरीदने के लिए गांव आए थे लेकिन वह अगले दिन ही लौट गए क्योंकि आदित्य ने ट्रैक्टर की बैटरी बेचने की बात कही थी। यहां आने पर शराब के नशे में धुत आदित्य से उनकी कहासुनी हो गई। ट्रैक्टर की बैटरी के बारे में उन्होंने आदित्य से पूछा तो भड़क गया और गुप्ती से ताबड़तोड़ प्रहार करके उसकी हत्या कर दी।
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पीलीभीत में थाना बीसलपुर के गांव हेतम नगला निवासी 50 वर्षीय भगवानदास ने 11 साल पहले पास के ही गांव मुड़िया करोड़ में स्थित देवेंद्र तोमर की जमीन बंटाई पर ली थी। पुलिस के मुताबिक विश्वासपात्र होने के चलते देवेंद्र ने दो साल पहले शाही के गांव फिरोजपुर स्थित अपनी जमीन और वहां के फार्म हाउस की देखरेख की जिम्मेदारी भी भगवान दास को दे दी। तब भगवानदास फिरोजपुर में ही उनके फार्म हाउस पर रहने लगे। देवेंद्र चौधरी का इकलौता बेटा आदित्य चौधरी नशे का आदी हो गया। उसे सुधारने के लिए देवेंद्र ने खर्च देना बंद कर दिया तो वह फार्म हाउस का सामान बेचने लगा। भगवान दास उसकी शिकायत कर देते थे, जिसके कारण वह नाराज रहता था। भगवान दास के बेटे राजेश ने पुलिस को बताया कि पांच अगस्त को उसके पिता भैंस खरीदने के लिए गांव आए थे लेकिन वह अगले दिन ही लौट गए क्योंकि आदित्य ने ट्रैक्टर की बैटरी बेचने की बात कही थी। यहां आने पर शराब के नशे में धुत आदित्य से उनकी कहासुनी हो गई। ट्रैक्टर की बैटरी के बारे में उन्होंने आदित्य से पूछा तो भड़क गया और गुप्ती से ताबड़तोड़ प्रहार करके उसकी हत्या कर दी।