प्रयागराज। एक अप्रैल 2020 से आ रहे जीएसटी नए रिटर्न प्रारूप के बारे वाणिज्यकर विभाग के अफसरों ने व्यापारियों को विस्तृत जानकारी बुधवार को दी। मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के सेमिनार में वाणिज्य कर एवं कैट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में व्यापारियों को नए रिटर्न के प्रारूप के बारे में बताया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश व्यापार कल्याण बोर्ड के सदस्य मुरारी लाल अग्रवाल की मौजूदगी में व्यापारियों की तमाम शंकाओं का समाधान वाणिज्य कर विभाग के अफसरों ने किया और जीएसटी पंजीयन के फायदे गिनाए।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन एके राय की अध्यक्षता में ‘जीएसटी पंजीयन जागरूकता एवं न्यू रिटर्न प्रशिक्षण समारोह’ में व्यापारियों से नए प्रारूप को लेकर कहा गया कि ऐसे व्यापारी जो पांच करोड़ से अधिक का व्यापार करते हैं उन्हें अब एक अप्रैल 2020 के बाद आरईटी-01 दाखिल करना होगा। यह मासिक रिटर्न होगा। इसमें एएनएक्स-1 में अपनी बिक्री का विवरण व्यापारियों को देना होगा। साथ ही उस खरीद का विवरण देना होगा जिसमें रिवर्स चार्ज लगाया जाता है। पांच करोड़ से अंदर ऐसे व्यापारीजो बीटूसी में व्यापार करते हैं उन्हें आरईटी-2 और जो व्यापारी बीटूसी और बीटूबी दोनों में व्यापार करते हैं उन्हें आरईटी-03 भरना होगा। इस दौरान रिटर्न गलत होने पर उसमें संशोधन का अवसर भी होगा। सेमिनार में कैट प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि क्योंकि अभी रिटर्न डेमा के रूप में पोर्टल पर उपलब्ध है। इसलिए व्यापारी इसका ट्रायल जरूर लें। अगर कोई समस्या आती है तो व्यापार कर और कैट केे बारे में इसे जरूर बताया जाए। ताकि अगर कोई खामी है तो उसे 31 मार्च 2020 तक सुधार दिया जाए। कार्यक्रम में एडिशन कमिश्नर ग्रेड टू अपील हरिनाथ सिंह, ज्वाइंट कमिश्नर अमरनाथ यादव, डीसी प्रशासन एके गौतम, विभु अग्रवाल, सत्यव्रत उपाध्याय, अनु पांडेय, विनय टंडन, संदीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।