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बुलट में मोडिफाइड साइलेंसर लगवाने वालों पर परिवहन विभाग विभाग ने कसा शिकंजा, 10 हजार वसूला जा रहा जुर्माना

Sat, 28 Aug 2021 03:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 28 Aug 2021 03:22 PM IST
सार

  • रुतबा दिखाना के चक्कर में बुलट में लगवाई मोडिफाइड साइलेंसर
  • आवाज 80 डेसीबल से अधिक पाए जाने पर भरा छह लाख, 40 हजार का जुर्माना

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Becoming the king of Bulat was expensive, 80 people paid the fine
Prayagraj News : बुलट। - फोटो : social media

विस्तार

पहले प्रेशर हार्न लोगों के लिए सिर दर्द बना था। अब वह कम हुआ तो मोडिफाइड साइलेंसर अगल-बगल से गुजर रहे लोगों में बेचैनी पैदा कर दे रहा है। शानों, शौकत और रुतबे के चक्कर में बुलट रखने वालों ने उसमें मोडिफाइड साइलेंसर लगवा लिया है। अब वे इसकी कीमत 10 हजार रुपये जुर्माना के रूप में चुका रहे हैं। परिवहन विभाग ने पिछले हफ्ते अभियान चलाकर मोडिफाइड साइलेंसर लगवाकर शोर मचाने वाले 80 बुलट चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर जुर्माना वूसला है।

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परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक बहुत से शौकीन ऐसे हैं, जो कंपनी द्वारा बुलट में लगाए गए साइलेंसर की आवाज को पसंद नहीं कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनकी बुलट में पुराने जमाने वाली बुलटों की आवाज आए। नए जमाने की बुलट की आवाज पुराने जमाने वाले बुलट की आवाज से भिन्न है और आवाज की क्षमता 80 डेसिबल से कम है। इसी वजह से लोग नए जमाने की बुलट के साइलेंसर की आवाज को पसंद नहीं कर रहे हैं, वे अपना रुतबा दिखाने के चक्कर में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा रहे हैं। मोडिफाइड साइलेंसर की आवाज काफी तेज है और यह बुलट जिधर से गुजरती है।

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उधर काफी शोर होता है। लोगों का आकर्षण बढ़ता है। लेकिन, बुलट रखने वालों का यह शौक आसपास से गुजरने वाले लोगों में बेचैनी पैदा कर दे रहा है। इसे देखते हुए शासन ने पिछले दिनों आदेश देकर ज्यादा शोरगुल करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है, जिससे 80 डेसिबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण हो रहा हो। शासन के आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम भी परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ लगाई है, जिससे कि मौके पर ही जांच कर कार्रवाई की जा सके।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन इकाई के सुरेश मौर्या ने बताया कि शासन के निर्देश पर पिछले हफ्ते कार्रवाई की गई। मौके पर प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारी साउंड मीटर रीडर के साथ मौजूद रहे। हफ्ते भर की कार्रवाई में कुल 80 बुलट में मोडिफाई साइलेंसर पाया गया। इनमें आवाज भी 80 डेसिबल से अधिक पाया गया। इन पर बुलट चालकों से 10-10 हजार रुपये का जुर्माना वूसला गया। उन्होंने बताया कि यह अभियान इस हफ्ते भी चलेगा।

ज्यादातर युवाओं की बुलट में ही लगा है मोडिफाइड साइलेंसर 
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुरेश मौर्य ने बताया कि बुलट में भारी आवाज निकले, इसका क्रेज ज्यादातर युवाओं में है। वही ज्यादातर बुलट में मोडिफाइड साइलेंसर लगवा रहे हैं। जांच के दौरान भी युवाओं को ही ज्यादातर जुर्माना देना पड़ा। शहर में कई स्थानों पर मोडिफाइ साइलेंसर लगाने की दुकाने हैं। जहां आसानी से पैसा देकर मोडिफाइड साइलेंसर लगवाया जा सकता है।
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