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Prayagraj News: पुलिस मुख्यालय के वित्त नियंत्रक के खिलाफ जमानती वारंट जारी
Sat, 25 Apr 2026 03:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:03 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस मुख्यालय लखनऊ के वित्त नियंत्रक शिवपूजन सिंह के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने उन्हें 27 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने यह आदेश दाताराम की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।
याची दाताराम मैनपुरी में पुलिस उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने यह तर्क देते हुए उनके सेवानिवृत्ति परिलाभों से 6,07,435 रुपये की कटौती कर ली कि उन्हें सेवाकाल के दौरान गलती से अधिक वेतन का भुगतान किया गया था। इस कटौती को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
अदालत ने याची के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए विभाग को आदेश दिया था कि काटी गई पूरी राशि एक माह के भीतर छह प्रतिशत ब्याज के साथ वापस की जाए। अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद जब धनराशि वापस नहीं की गई तो याची ने वित्त नियंत्रक शिवपूजन सिंह और मैनपुरी के एसपी विनोद कुमार के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की।
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कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी किया गया नोटिस तामील होने के बावजूद विपक्षी की ओर से कोई भी अधिकारी या प्रतिनिधि अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति और अदालती आदेश की अनदेखी को कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ के माध्यम से वित्त नियंत्रक को जमानती वारंट जारी कर तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी।
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याची दाताराम मैनपुरी में पुलिस उप निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद विभाग ने यह तर्क देते हुए उनके सेवानिवृत्ति परिलाभों से 6,07,435 रुपये की कटौती कर ली कि उन्हें सेवाकाल के दौरान गलती से अधिक वेतन का भुगतान किया गया था। इस कटौती को याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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अदालत ने याची के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए विभाग को आदेश दिया था कि काटी गई पूरी राशि एक माह के भीतर छह प्रतिशत ब्याज के साथ वापस की जाए। अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद जब धनराशि वापस नहीं की गई तो याची ने वित्त नियंत्रक शिवपूजन सिंह और मैनपुरी के एसपी विनोद कुमार के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की।
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कोर्ट द्वारा पूर्व में जारी किया गया नोटिस तामील होने के बावजूद विपक्षी की ओर से कोई भी अधिकारी या प्रतिनिधि अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति और अदालती आदेश की अनदेखी को कोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया। अदालत ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लखनऊ के माध्यम से वित्त नियंत्रक को जमानती वारंट जारी कर तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी।