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हाईकोर्ट : राम बिहारी चौबे की हत्या में शामिल शूटर की जमानत अर्जी खारिज, वाराणसी में 2015 में हुई थी घटना

Thu, 09 May 2024 12:42 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 09 May 2024 12:42 PM IST
सार

याची अधिवक्ता ने कहा कि प्राथमिकी में अजय सिंह को नामजद नहीं किया गया था। गवाहों के बयान में भी याची का नाम नहीं आया है। याची को 23 अक्टूबर 2017 को जमानत मिल गई थी, जिसे वादी मुकदमा की अर्जी पर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया।

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Bail application of the shooter involved in the murder of Ram Bihari Choubey rejected
कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के चौबेपुर में हुई राम बिहारी चौबे की हत्या में शामिल शूटर अजय सिंह की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। घटना 8 वर्ष से अधिक पुरानी है। मृतक राम बिहारी बृजेश सिंह के सहयोगी बताया जाता है। 4 दिसंबर 2015 को सुबह अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुस कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी थी। याची अजय सिंह पर फायरिंग में शामिल होने का आरोप है। उसकी जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति राजवीर सिंह ने सुनवाई की।

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याची अधिवक्ता ने कहा कि प्राथमिकी में अजय सिंह को नामजद नहीं किया गया था। गवाहों के बयान में भी याची का नाम नहीं आया है। याची को 23 अक्टूबर 2017 को जमानत मिल गई थी, जिसे वादी मुकदमा की अर्जी पर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी खारिज कर दी और याची को ट्रायल कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए कहा था। जिसे ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी। इसपर हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई है।
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अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत का विरोध किया। कहा कि याची पैसे लेकर हत्या करने वाला अपराधी है। उसे हत्या के एक मामले में सजा हो चुकी है। वादी मुकदमा की पत्नी रेणुका चौबे ने उसकी पहचान की है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कहा कि याची भले ही प्राथमिकी में नामजद नहीं था मगर बाद में गवाहों के बयान में उसका नाम सामने आया । उस पर 21 मुकदमे हैं तथा एक में सजा हो चुकी है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इन्कार करते हुए अर्जी खारिज कर दी।

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