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Prayagraj News: पानी से चौतरफा घिरा बदरा गांव, एक दर्जन गांवों का आवागमन ठप
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दो माह के भीतर पांचवीं बार गंगा-यमुना का जलस्तर उफान पर है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से झूंसी के कछारी गांवों के ग्रामीण फिर से बुरी तरह डरे हुए हैं। आवागमन के लिए प्रशासन ने छह छोटी नाव चलवाई है। प्रशासनिक अफसर लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। गांव की बत्ती भी दिनभर काटी जा रही है। शाम को गांव की बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। शनिवार के बाद रविवार को गंगा-यमुना का जलस्तर और तेजी से बढ़ा। रातभर में बाढ़ का पानी बढ़कर 20 फीट से ऊपर हो गया। बदरा-सोनौटी से होकर थरवई जाने वाला मार्ग पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गया है। ग्रामीणों की सैकड़ों बीघे फसल चौपट होने के बाद अब उनके घरों पर संकट मंडराने लगा है। नई तथा पुरानी झूंसी के तटवर्ती मकानों में बाढ़ का पानी दाखिल होने से लोग सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में हैं।
बाढ़ के पानी ने बदरा-सोनौटी मार्ग को कल से पांचवीं बार बाढ़ की चपेट में ले लिया है। इससे बदरा, सोनौटी के अलावा ढोलबजवा, बहादुरपुर, गंजिया, हेतापट्टी, इब्राहिमपुर, खजुरी, मदारपुर, पैगंबरपुर, फैज्जुलापुर, सकरा, इब्राहिमपुर के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। रविवार को तेजी से जलस्तर के बढ़ने से शेरडीह, रहिमापुर, तुलापुर और मलावां गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। बाढ़ के चलते डेढ़ दर्जन गांव के ग्रामीण तकरीबन दो माह से हर दस से पंद्रह दिन बाद घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
दो माह से प्रभावित है बदरा गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल की पढ़ाई
बाढ़ के चलते तकरीबन दो माह से बदरा-सोनौटी गांव के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित है। बदरा-गारापुर मुख्य मार्ग के बंद होने से शिक्षकों को भी स्कूल तक पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है। इससे यहां पर पढ़ रहे बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग गया है।
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बाढ़ के कारण कछार के बदरा गांव की बिजली आपूर्ति रात में की जा रही है। असल में पिछली दफे बाढ़ के कारण जंफर खोले जाने से गांव के 800 घरों में कई दिनों तक सुबह और रात में अंधेरा पसरा रहता था। इसी का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने लाखों के हाईटेंशन तार समेत अन्य बिजली के उपकरण खोल लिए थे। इस वजह से इस दफे बिजली विभाग शाम को नाव का संचालन बंद होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दे रहा है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है।
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बाढ़ के पानी ने बदरा-सोनौटी मार्ग को कल से पांचवीं बार बाढ़ की चपेट में ले लिया है। इससे बदरा, सोनौटी के अलावा ढोलबजवा, बहादुरपुर, गंजिया, हेतापट्टी, इब्राहिमपुर, खजुरी, मदारपुर, पैगंबरपुर, फैज्जुलापुर, सकरा, इब्राहिमपुर के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। रविवार को तेजी से जलस्तर के बढ़ने से शेरडीह, रहिमापुर, तुलापुर और मलावां गांव भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। बाढ़ के चलते डेढ़ दर्जन गांव के ग्रामीण तकरीबन दो माह से हर दस से पंद्रह दिन बाद घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
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दो माह से प्रभावित है बदरा गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल की पढ़ाई
बाढ़ के चलते तकरीबन दो माह से बदरा-सोनौटी गांव के प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित है। बदरा-गारापुर मुख्य मार्ग के बंद होने से शिक्षकों को भी स्कूल तक पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है। इससे यहां पर पढ़ रहे बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग गया है।
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बाढ़ के कारण कछार के बदरा गांव की बिजली आपूर्ति रात में की जा रही है। असल में पिछली दफे बाढ़ के कारण जंफर खोले जाने से गांव के 800 घरों में कई दिनों तक सुबह और रात में अंधेरा पसरा रहता था। इसी का फायदा उठाकर शातिर चोरों ने लाखों के हाईटेंशन तार समेत अन्य बिजली के उपकरण खोल लिए थे। इस वजह से इस दफे बिजली विभाग शाम को नाव का संचालन बंद होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दे रहा है। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही है।