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बदायूं सांसद संघमित्रा मौर्या के चुनाव की पत्रावली कोर्ट में तलब
Sat, 24 Oct 2020 06:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 24 Oct 2020 06:42 PM IST
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संघमित्रा मौर्य-धर्मेंद्र यादव
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बदायूं की भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्या के चुनाव से संबंधित पत्रावलियां तलब की है। संघ मित्रा के चुनाव सपा के धर्मेंद्र यादव ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने जिला निर्वाचन अधिकारी से पत्रावली हाईकोर्ट भेजने के लिए कहा है।यह आदेश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सपा प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव व दिनेश कुमार की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने धर्मेन्द्र यादव के अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दाखिल गवाहों की सूची रिकार्ड के साथ पेश करने का आदेश दिया है। संघमित्रा की तरफ से अधिवक्ता उदय नंदन ने कहा कि वह बचाव में कोई गवाह पेश नहीं करना चाहती।याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रत्याशी दिनेश कुमार का नामांकन गलत तरीके से निरस्त किया गया है। यदि त्रुटि थी तो स्क्रूटनी के समय सुधारने का मौका देना चाहिए था।
दूसरे कुल पड़े मतों से आठ हजार मत अधिक गिना गया है। जिसका कोई लेखा जोखा नहीं है।तीसरे मौर्या ने अपने पति की स्थिति व संपत्ति का व्योरा हलफनामे में नहीं दिया है।चुनाव नामांकन पत्र में पति के बजाय अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम लिखा है। जबकि अभी तक तलाक नहीं हुआ है। याचिका की सुनवाई 4नवंबर को होगी।
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कोर्ट ने धर्मेन्द्र यादव के अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा दाखिल गवाहों की सूची रिकार्ड के साथ पेश करने का आदेश दिया है। संघमित्रा की तरफ से अधिवक्ता उदय नंदन ने कहा कि वह बचाव में कोई गवाह पेश नहीं करना चाहती।याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रत्याशी दिनेश कुमार का नामांकन गलत तरीके से निरस्त किया गया है। यदि त्रुटि थी तो स्क्रूटनी के समय सुधारने का मौका देना चाहिए था।
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दूसरे कुल पड़े मतों से आठ हजार मत अधिक गिना गया है। जिसका कोई लेखा जोखा नहीं है।तीसरे मौर्या ने अपने पति की स्थिति व संपत्ति का व्योरा हलफनामे में नहीं दिया है।चुनाव नामांकन पत्र में पति के बजाय अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम लिखा है। जबकि अभी तक तलाक नहीं हुआ है। याचिका की सुनवाई 4नवंबर को होगी।
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