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Allahabad High Court : आजम खां के करीबियों को झटका, पुलिस की चार्जशीट के खिलाफ ट्रस्टियों की याचिका खारिज
Fri, 30 Sep 2022 09:33 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 30 Sep 2022 09:33 PM IST
सार
यह आदेश जस्टिस समित गोपाल ने पारित किया। कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया था। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। अब मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के इन ट्रस्टियों के खिलाफ एमपी एमएलए रामपुर की कोर्ट में केस का ट्रायल चलेगा।
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आजम खां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सपा नेता मोहम्मद आजम खां के करीबियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के 72 ट्रस्टियों के खिलाफ दर्ज 27 प्राथमिकी में पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट के खिलाफ ट्रस्टियों की याचिकाएं खारिज कर दीं। खारिज होने वाली याचिकाओं में आजम खां के खास सिपहसालार पूर्व सीओ आले हसन, जकी उर रहमान सिद्दीकी, नसीर अहमद खान जैसे 70 ट्रस्टी शामिल रहे।
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यह आदेश जस्टिस समित गोपाल ने पारित किया। कोर्ट ने इन सभी याचिकाओं पर लंबी सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित कर लिया था। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। अब मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के इन ट्रस्टियों के खिलाफ एमपी एमएलए रामपुर की कोर्ट में केस का ट्रायल चलेगा।
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कोर्ट के इस आदेश से सरकारी कार्रवाई की जीत मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी का कहना था किपूर्व मंत्री आजम खां के इशारे पर रामपुर में किसानों के साथ मारपीट तथा गलत मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उनकी जमीन को जौहर विश्वविद्यालय के लिए कब्जा कर लिया गया। आज तक उस कब्जे को छोड़ा नहीं गया है।
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यूपी सरकार व किसानों की ओर से रामपुर के अजीम नगर थाने में 27 प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इन सभी मुकदमों में विवेचना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया था, जिसे हाईकोर्ट में विभिन्न आधारों पर चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने सभी 72 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की थी। कई हफ्ते की बहस के बाद कोर्ट ने पांच सितंबर 2022 को फैसला सुरक्षित कर लिया था। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट भारतीय दंड संहिता की धारा 447, 420, 120 बी के अंतर्गत दाखिल की है।