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High Court : आयुष मंत्री दया शंकर मिश्र को मिली राहत, आचार संहिता के उल्लंघन में दर्ज मुकदमा रद्द
Sat, 29 Nov 2025 01:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:04 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आचार संहिता के उल्लंघन में वाराणसी की अदालत में चल रहे मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द कर दी है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री दया शंकर मिश्र उर्फ दयालु मिश्र को बड़ी राहत मिली है।
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आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आचार संहिता के उल्लंघन में वाराणसी की अदालत में चल रहे मुकदमे की पूरी कार्यवाही रद्द कर दी है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार में आयुष मंत्री दया शंकर मिश्र उर्फ दयालु मिश्र को बड़ी राहत मिली है। यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश पाठक ने दया शंकर मिश्र की अर्जी पर दिया है।
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2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान दया शंकर वाराणसी दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। 11 जनवरी 2012 को बिजली के खंभे पर लगी होर्डिंग के आधार पर थाना कोतवाली में आचार संहिता उल्लंघन व लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने 12 मई 2012 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया, जिस पर कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। दया शंकर ने चार्जशीट और संज्ञान आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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याची अधिवक्ता ने दलील दी कि याची के खिलाफ बिजली विभाग या नगर निगम ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है। होर्डिंग लगाने से बिजली की सप्लाई में कोई बाधा पहुंची। अपर शासकीय अधिवक्ता ने याचिका का विरोध किया। कोर्ट ने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, उनसे प्रथम दृष्टया कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनते हैं। जांच अधिकारी की ओर से एकत्र किए गए तथ्यों से प्राथमिकी में लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं। इसके आधार पर मुकदमा चलाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
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