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Prayagraj : अतीक के करीबी पर शत्रु संपत्ति व ससुर खदेरी नदी की जमीन प्लॉटिंग करने का आरोप

Sun, 31 May 2026 03:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 31 May 2026 03:29 PM IST
सार

माफिया अतीक अहमद के करीबी रिश्तेदारों पर शत्रु संपत्ति और ससुर खदेरी नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग करने का आरोप लगा है।

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Atiq close aide accused of plotting enemy property and land of father-in-law Khaderi river
अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

माफिया अतीक अहमद के करीबी रिश्तेदारों पर शत्रु संपत्ति और ससुर खदेरी नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर प्लॉटिंग करने का आरोप लगा है। सदर तहसील के लेखपाल की तहरीर पर करेली पुलिस ने अफजल, मोहम्मद राशिद उर्फ नीलू, जबी अहमद उर्फ जैकी और मोहम्मद असलम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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सदर तहसील में तैनात लेखपाल महेश मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उनके कार्यक्षेत्र कसारी-मसारी के गांव ऐनुद्दीनपुर में स्थित कई गाटा संख्या की भूमि शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, इन जमीनों का न तो वैध विभाजन कराया गया है, न ही इनके उपयोग की कोई अनुमति दी गई है। इसके बावजूद जमीनों पर मिट्टी डलवाकर बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की तैयारी की जा रही है।
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शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आने वाली तीन गाटा संख्या की भूमि पर लगातार मिट्टी डालकर उसे समतल किया जा रहा था। लेखपाल ने आशंका जताई है कि इन जमीनों को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेचने की योजना बनाई गई है। ससुर खदेरी नदी क्षेत्र में भी मिट्टी डलवाकर भराव कराया गया है।

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पुलिस जांच में पता चला कि मोहम्मद राशिद उर्फ नीलू माफिया अतीक अहमद का चचेरा भाई है, जबकि जबी अहमद उर्फ जैकी उसका साला है। करेली थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि लेखपाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच राजस्व अभिलेखों और अन्य साक्ष्य के आधार पर की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या है शत्रु संपत्ति

भारत-पाकिस्तान विभाजन (1947) और बाद में 1962 के भारत-चीन युद्ध तथा 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों के दौरान जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए और वहां के नागरिक बन गए। इनकी भारत में मौजूद जमीन, मकान, दुकान, कृषि भूमि और अन्य संपत्तियाें को शत्रु संपत्ति घोषित की गई है। इन संपत्तियों का संरक्षण कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया (सीईपीआई) करता है। कानूनी रूप से इन संपत्तियों का नियंत्रण केंद्र सरकार के पास रहता है।

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