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Atiq Ashraf Murder: कौन चला रहा जेल में बंद शूटर का फेसबुक अकाउंट? 'महाराज लवलेश तिवारी' के नाम से फोटो पोस्ट
Sun, 30 Apr 2023 09:53 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 30 Apr 2023 09:53 AM IST
सार
अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद शूटर लवलेश का फेसबुक प्रोफाइल चेक करने पर उसके बारे में कई जानकारियां मिली थीं। महाराज लवलेश तिवारी (चूचू) नाम के इस अकाउंट पर लवलेश ने कई तस्वीरें, रील और वीडियो पोस्ट किए थे। अब यह फेसबुक प्रोफाइल लॉक कर दी गई है, ताकि कोई यहां मौजूद रील या तस्वीरें कोई और न देख सके।
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Atiq Ashraf Murder
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
माफिया अतीक और अशरफ हत्याकांड मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शूटर लवलेश तिवारी के प्रतापगढ़ जेल में बंद होने के बावजूद उसका फेसबुक अकाउंट कोई संचालित कर रहा है। दरअसल अतीक-अशरफ हत्याकांड के बाद उसका फेसबुक प्रोफाइल चेक करने पर उसके बारे में कई जानकारियां मिली थीं।
महाराज लवलेश तिवारी (चूचू) नाम के इस अकाउंट पर लवलेश ने कई तस्वीरें, रील और वीडियो पोस्ट किए थे। अब यह फेसबुक प्रोफाइल लॉक कर दी गई है, ताकि कोई यहां मौजूद रील या तस्वीरें कोई और न देख सके।
यहां उपलब्ध सामग्री सिर्फ उन्हीं को दिखेगी, जो उसके फेसबुक फ्रेंडबुक हैं। सवाल यह है कि जब शूटर जेल में है तो उसका अकाउंट कौन संचालित कर रहा है, जिसने इसे लॉक कर दिया।
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अतीक-अशरफ के कत्ल के बाद फेसबुक पेज-खाते खुले
चौकाने की बात है कि शूटर लवलेश तिवारी के नाम से अचानक कई फेसबुक पेज और अकाउंट खुल गए हैं। यह सबकुछ हुआ है, अतीक-अशरफ को 15 अप्रैल को मारे जाने के बाद। शूटर लवलेश तिवारी के नाम से हूबहू बने एक फेसबुक अकाउंट में आखिरी पोस्ट 16 अप्रैल का यानी अतीक-अशरफ हत्याकांड के एक दिन बाद की गई है।
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महाराज लवलेश तिवारी (चूचू) नाम के इस अकाउंट पर लवलेश ने कई तस्वीरें, रील और वीडियो पोस्ट किए थे। अब यह फेसबुक प्रोफाइल लॉक कर दी गई है, ताकि कोई यहां मौजूद रील या तस्वीरें कोई और न देख सके।
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यहां उपलब्ध सामग्री सिर्फ उन्हीं को दिखेगी, जो उसके फेसबुक फ्रेंडबुक हैं। सवाल यह है कि जब शूटर जेल में है तो उसका अकाउंट कौन संचालित कर रहा है, जिसने इसे लॉक कर दिया।
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अतीक-अशरफ के कत्ल के बाद फेसबुक पेज-खाते खुले
चौकाने की बात है कि शूटर लवलेश तिवारी के नाम से अचानक कई फेसबुक पेज और अकाउंट खुल गए हैं। यह सबकुछ हुआ है, अतीक-अशरफ को 15 अप्रैल को मारे जाने के बाद। शूटर लवलेश तिवारी के नाम से हूबहू बने एक फेसबुक अकाउंट में आखिरी पोस्ट 16 अप्रैल का यानी अतीक-अशरफ हत्याकांड के एक दिन बाद की गई है।
फेसबुक पेज पर पहली पोस्ट 19 अप्रैल यानी अतीक अशरफ हत्याकांड के चार दिन बाद डाली गई है। शक है कि यह फेसबुक अकाउंट वारदात के बाद ध्यान भटकाने के लिए बनाया गया हो। अन्यथा क्या वजह हो सकती है कि इस तरह का होम पेज बनाया जाए।
जेल जाने के बाद चलाया जाए। सवाल यह भी है कि कौन है, जो उसे नायक की तरह पेश करना चाहता है। यह राज गहरा है, पुलिस तफ्तीश करे तो शायद कुछ और खुलासे हों।
फेसबुक पर बालाघाट से डाले थे कई पोस्ट
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को लवलेश का मध्य प्रदेश से रिश्ता फेसबुक प्रोफाइल खंगालने से लगा। फेसबुक पर उसने साल भर में छह पोस्ट बालाघाट से ही डाले थे। 30 मई 2021 को उसने एक पोस्ट डाला था, जिसमें लिखा था कि 'खदान माफिया एमपी की तरफ जा रहे'।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को लवलेश का मध्य प्रदेश से रिश्ता फेसबुक प्रोफाइल खंगालने से लगा। फेसबुक पर उसने साल भर में छह पोस्ट बालाघाट से ही डाले थे। 30 मई 2021 को उसने एक पोस्ट डाला था, जिसमें लिखा था कि 'खदान माफिया एमपी की तरफ जा रहे'।
शातिर शूटर ने चार जुलाई को एक जन्मदिन के जश्न की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा... 'महाराज लवलेश तिवारी एट बालाघाट।' सूत्रों के मुताबिक अतीक अशरफ हत्याकांड के बाद लवलेश की एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो के साथ तस्वीर वायरल हुई थी। यह स्कॉर्पियो बालाघाट के ही एक युवक की थी।
प्रयागराज पुलिस को अब तक भनक नहीं
बेहद चौंकाने वाली बात यह भी है कि लवलेश तिवारी के मध्य प्रदेश कनेक्शन की भनक अब तक प्रयागराज पुलिस को नहीं है। पुलिस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं दी गई। इस कांड में पुलिस अधिकारी किसी भी तरह के सवालों से लगातार कन्नी काट रहे हैं।
बेहद चौंकाने वाली बात यह भी है कि लवलेश तिवारी के मध्य प्रदेश कनेक्शन की भनक अब तक प्रयागराज पुलिस को नहीं है। पुलिस की ओर से अब तक इस संबंध में कोई जानकारी भी नहीं दी गई। इस कांड में पुलिस अधिकारी किसी भी तरह के सवालों से लगातार कन्नी काट रहे हैं।