फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Atiq-Ashraf murder case: Four numbers of two shooters found, CDR will expose the conspiracy

अतीक-अशरफ हत्याकांड : दो शूटरों लवलेश तिवारी और अरुण मौर्य के चार नंबर मिले, सीडीआर से होगा साजिश का भंडाफोड़

Sat, 29 Apr 2023 06:02 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 29 Apr 2023 06:02 AM IST
सार

अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना में जुटा विशेष जांच दल (एसआईटी) को शूटरों के चार मोबाइल नंबर का पता चला है। इनमें लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य का मोबाइल नंबर शामिल है। इन नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी मिल गई है और अब अफसर इसके जरिए साजिश का भंडाफोड़ करने में जुटे हैं।

विज्ञापन

विस्तार

अतीक-अशरफ हत्याकांड की विवेचना में जुटा विशेष जांच दल (एसआईटी) को शूटरों के चार मोबाइल नंबर का पता चला है। इनमें लवलेश तिवारी व अरुण मौर्य का मोबाइल नंबर शामिल है। इन नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट भी मिल गई है और अब अफसर इसके जरिए साजिश का भंडाफोड़ करने में जुटे हैं।

विज्ञापन


पुलिस सीडीआर के जरिए पता लगाने में जुटी है कि वारदात से पहले शूटरों ने किससे कितनी बार बात की। कौन से ऐसे नंबर हैं, जिनसे शूटर लगातार संपर्क में रहे। यह भी देखा जा रहा है कि शूटरों ने किसे फोन किया और उनके पास किसकी कॉल आई। सीडीआर के विश्लेषण से ही इन सवालों का जवाब मिलेगा।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि इसके बाद ही पता चला कि हत्याकांड के पीछे कोई साजिश है या नहीं। दरअसल हत्याकांड को 13 दिन बीतने के बाद भी एसआईटी अब तक हत्या की मूल वजह का पता नहीं लगा पाई है। विवेचना के क्रम में उसके पास अब तक शूटरों का बयान ही है, जिसमें उन्होंने खुद से ही वारदात अंजाम देने की बात कही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बयान दर्ज कराने के लिए 24 अन्य को नोटिस

विवेचना के क्रम में एसआईटी अब तमाम उन लोगों के बयान दर्ज करने में जुटी है, जो केस से संबंधित हैं। इसके तहत ही 24 अन्य लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें पुलिसकर्मियों के साथ ही मीडियाकर्मी, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व अन्य लोग शामिल हैं। गौरतलब है कि वारदात के वक्त मौके पर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।

शूटरों ने घर के पते को लेकर किया था फर्जीवाड़ा, लगाया था फर्जी आधार

प्रयागराज। शूटरों ने होटल में रुकने के दौरान फर्जी आधार का इस्तेमाल किया था। उनके दिए आधार में नाम व पिता का नाम तो सही था लेकिन पता गलत था। दरअसल तीनों का पता चित्रकूट ही दर्ज था। जबकि तीनों अलग-अलग जनपदों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इसे लेकर मुकदमे में दस्तावेजाें की कूटरचना से संबंधित धाराएं बढ़ा दी हैं। इसके अतिरिक्त अवैध असलहे मिलने पर आर्म्स एक्ट का मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका है

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed