अतीक-अशरफ हत्याकांड : रिमांड मिलने के बाद खुलेगा माफिया भाइयों की हत्या का राज, पर्दे के पीछे का सच आएगा सामने
पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या का सच जल्द ही सामने आ सकता है। कोर्ट से चार दिनों की रिमांड मिलने के बाद एसआईटी उससे हत्या के राज उगलवाएगी।
विस्तार
पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद और उसके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ की हत्या का सच जल्द ही सामने आ सकता है। कोर्ट से चार दिनों की रिमांड मिलने के बाद एसआईटी उससे हत्या के राज उगलवाएगी। मसलन हत्या क्यों की, किसके ईशारे पर की, किसने साजिश रची, किसने सुपारी दी और किसने इतने महंगे असलहे उपलब्ध कराए आदि सवालों के जवाब एसटीएफ इन आरोपियों से उगलवाएगी।
मीडिया में छप रही खबरों के अनुसार इन तीनों की पारिवारिक दशा और पृष्ठभूमि देखकर यह कहीं से नहीं यकीन हो रहा है इन लोगों ने महज सस्ती लोकप्रियता के लिए माफिया बंधुओं की हत्या की होगी। जैसा की आरोपियों ने कथित तौर पर खुद स्वीकार किया है कि वह जरायम की दुनिया में अपना नाम कमाना चाहते थे इसलिए उन्होंने सबसे बड़े माफिया का खात्मा किया है।
हत्यारों के पास कहां से आई जिगाना पिस्टल
उनकी इस थ्योरी पर एकबारगी किसी को यकीन नहीं हो रहा है। बात वहीं आकर रुक जा रही है कि जिसके पास दो जून की रोटी का जुगाड़ न हो और परिवार की दशा खस्ताहाल हो। और जिसकी आमदनी का कोई जरिया न हो वह लाखों रुपये की कीमत वाले विदेश में निर्मित और भारत में प्रतिबंधित जिगाना पिस्टल कहां से पाएगा। हत्या के पीछे का सच बस कुछ ही दिनों में सबसे सामने आ सकता है।
तीनों आरोपियों लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य को बुधवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जहां से तीनो को चार दिनों की रिमांड पर देने का आदेश जारी किया गया। एसआईटी ने एक सप्ताह की रिमांग मांगी थी। इस दौरान कड़ी सुरक्षा का बंदोबस्त किया गया है। जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के गुर्गों की बौखलाहट को देखते हुए जेल प्रशासन ने अतीक के तीनों हत्यारों को प्रतापगढ़ जेल में शिफ्ट कर दिया है।