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Atiq Ahmed: 'गुरु अतीक का भौकाल देखके दाऊदवा इस्तीफा देई दिहा है', माफिया को लेकर होती रहीं टिप्पणियां
Wed, 29 Mar 2023 08:10 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 29 Mar 2023 08:10 AM IST
सार
उमेश पाल हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए अतीक अहमद के लिए इस घटना को जीवन का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां भी होती रहीं।
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माफिया अतीक अहमद
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुरु अतीक का भौकाल देखके दाऊदवा इस्तीफा देई दिहा है। ऊ कहा है कि अब अतीक साम्राज्य संभालें। साबरमती से नैनी जेल तक के सफर में अतीक के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या तथा मीडिया के हर फोरम पर सुर्खियों में रहने की वजह से इस तरह की टिप्पणियां आम रहीं। लोगों का यहां तक कहना था कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद बने माहौल से यदि अतीक निकल गया तो उसे रोक पाना मुश्किल होगा।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए अतीक अहमद के लिए इस घटना को जीवन का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां भी होती रहीं। एमपीएमएलए कोर्ट के बाहर खड़े कुछ अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रदेश में योगी की सरकार है और अतीक की गाड़ी पलटने की आशंका लगातार रही। इसके बावजूद अतीक के काफिले में सैकड़ों गुर्गे बेखौफ शामिल हुए। उन्होंने 24 घंटे का सफर भी साथ में तय किया।
अतीक के इस सफर की पल-पल की गतिविधि मीडिया में कवर हुई तो सोशल मीडिया पर भी यह सुर्खियों में रहा। इस पूरे माहौल पर एक अधिवक्ता का कहना था कि अब अतीक अमेरिका में भी किसी धनाढ्य को अपना नाम बता दे तोे वहां पैसा पहुंच जाएगा।
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कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि अतीक के लिए कुछ महीने चुनौतियों वाले हैं। इस दौरान वह अपने कुछ गुर्गों की कीमत पर सबकुछ मैनेज करने में सफल हो गया तो फिर अतीक को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा। अब वह मुख्तार अंसारी, शहाबुद्दीन जैसे माफिया को भी पीछे छोड़ता दिख रहा है।
यह भी पढ़ें: अतीक अहमद : 40 साल से बेखौफ अपराध की दुनिया चला रहे अतीक को पहली बार सजा; दर्ज हैं 101 मुकदमे
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उमेश पाल हत्याकांड के बाद सुर्खियों में आए अतीक अहमद के लिए इस घटना को जीवन का टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। इसे लेकर तरह-तरह की टिप्पणियां भी होती रहीं। एमपीएमएलए कोर्ट के बाहर खड़े कुछ अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रदेश में योगी की सरकार है और अतीक की गाड़ी पलटने की आशंका लगातार रही। इसके बावजूद अतीक के काफिले में सैकड़ों गुर्गे बेखौफ शामिल हुए। उन्होंने 24 घंटे का सफर भी साथ में तय किया।
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अतीक के इस सफर की पल-पल की गतिविधि मीडिया में कवर हुई तो सोशल मीडिया पर भी यह सुर्खियों में रहा। इस पूरे माहौल पर एक अधिवक्ता का कहना था कि अब अतीक अमेरिका में भी किसी धनाढ्य को अपना नाम बता दे तोे वहां पैसा पहुंच जाएगा।
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कुछ लोग आपस में चर्चा कर रहे थे कि अतीक के लिए कुछ महीने चुनौतियों वाले हैं। इस दौरान वह अपने कुछ गुर्गों की कीमत पर सबकुछ मैनेज करने में सफल हो गया तो फिर अतीक को रोक पाना मुश्किल हो जाएगा। अब वह मुख्तार अंसारी, शहाबुद्दीन जैसे माफिया को भी पीछे छोड़ता दिख रहा है।
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