अतीक अहमद : माफिया एंड कंपनी के आर्थिक स्रोत पर तगड़ी चोट, कई और बेनामी संपत्ति का हो सकता है खुलासा
बेनामी संपत्तियों को बेचकर ही दोनों रुपयों का इंतजाम करने में जुटी हैं। इन रुपयों को वह अपनी फरारी और जेल में बंद अतीक के बेटों उमर व अली की पैरवी में लगाना चाहती हैं और यह बात पूर्व में भी सामने आ चुकी है।
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कमिश्नरेट गठित होने के बाद प्रयागराज में पुलिस आयुक्त न्यायालय की ओर से की गई पहली ही कार्रवाई से माफिया एंड कंपनी को तगड़ा झटका पहुंचा है। करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी होने की यह कार्रवाई माफिया के आर्थिक स्रोत को तगड़ी चोट भी मानी जा रही है। दरअसल शाइस्ता परवीन व अशरफ की पत्नी जैनब की नजर अब अतीक की बेनामी संपत्ति पर ही है।
बेनामी संपत्तियों को बेचकर ही दोनों रुपयों का इंतजाम करने में जुटी हैं। इन रुपयों को वह अपनी फरारी और जेल में बंद अतीक के बेटों उमर व अली की पैरवी में लगाना चाहती हैं और यह बात पूर्व में भी सामने आ चुकी है। ऐसे में करोड़ों की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट में कुर्क करने का आदेश जारी कर कमिश्नरेट पुलिस ने माफिया एंड कंपनी के खेमे में खलबली मचा दी है।
अन्य पीड़ित भी आ सकते हैं सामने
सूत्रों का कहना है कि कमिश्नरेट पुलिस की इस कार्रवाई के बाद माफिया के सताए हुए ऐसे अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं, जिनके नाम पर बेनामी संपत्ति बनाई गई। दरअसल पुलिस आयुक्त रमित शर्मा के नेतृत्व में माफिया अतीक एंड कंपनी के खिलाफ कमिश्नरेट पुलिस की कार्रवाई के बाद ही हूबलाल का हौसला बंधा और इसके बाद ही वह पुलिस के सामने आया। माना जा रहा है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क किए जाने का आदेश जारी होने के बाद अब ऐसे अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं।
बोला हूबलाल, अस्पताल बने या अनाथआलय
प्रयागराज। अतीक के आतंक के खौफ में लगभग आठ साल से जी रहा हूबलाल शनिवार को जब पुलिस आयुक्त न्यायालय से बाहर निकला तो उसकी आंखों में संतुष्टि के भाव थे। उसने बताया कि अतीक ने डरा-धमकाकर उसके नाम पर जमीन लिखाई थी। अपनी व परिवार की जान को खतरा था, ऐसे में वह मुंह बंद कर पड़ा रहा। उसने बताया कि जमीन पर सरकार अस्पताल या अनाथआलय बनाए तो खुशी होगी। कहा कि वर्षों तक खौफ में जीने के बाद अब वह परिवार के साथ सुकून से जी सकेगा।
माफिया की अन्य बेनामी संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है। ऐसी सभी संपत्तियों को गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जाएगा। - दीपक भूकर, डीसीपी नगर