Atiq Ahmed Case : मेन बात यह है कि गुड्डू मुस्लिम...गद्दार है, जेल में बंद अली से पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा
उमेशपाल हत्याकांड में बयान दर्ज करने के लिए जेल में पहुंची पुलिस के सामने उसने यह बात कही है। सूत्रों का कहना है कि जेल में बयान दर्ज करने के दौरान ही पुलिस ने उससे शाइस्ता समेत अन्य फरार आरोपियों के बारे में पूछा। इस पर उसने कोई जानकारी होने की बात से इन्कार किया।
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कॉल्विन अस्पताल में गोलियों से भूने जाने से पहले माफिया अशरफ के मुंह से निकली एक बात चर्चा का विषय बन गई थी। उसने मौत से ठीक पहले उमेश पाल हत्याकांड में फरार पांच लाख के इनामी शूटर गुड्डू मुस्लिम के बारे में कुछ कहना चाहा था। हालांकि, उसकी मौत से यह राज भी दफन हो गया। अब जेल में बंद उसके भतीजे अली ने इस बारे में खुलासा किया है। उसने कहा है कि गुड्डू मुस्लिम गद्दार है।
उमेशपाल हत्याकांड में बयान दर्ज करने के लिए जेल में पहुंची पुलिस के सामने उसने यह बात कही है। सूत्रों का कहना है कि जेल में बयान दर्ज करने के दौरान ही पुलिस ने उससे शाइस्ता समेत अन्य फरार आरोपियों के बारे में पूछा। इस पर उसने कोई जानकारी होने की बात से इन्कार किया। हालांकि, गुड्डू मुस्लिम के बारे में यह जरूर कहा कि वह गद्दार है। इसके आगे उसने कुछ बोलने से इन्कार कर दिया। उसकी इस बात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
अशरफ ने मौत से पहले 15 अप्रैल को गुड्डू मुस्लिम का नाम लिया था। इसी दिन उसके भतीजे असद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। असद 13 अप्रैल को एनकाउंटर में मारा गया था। अतीक-अशरफ की हत्या से ठीक पहले मीडियाकर्मियों ने उससे असद के जनाजे में शामिल न हो पाने के बाबत ही सवाल पूछा था।
अतीक के जेल में बंद बेटों पर शिकंजा, उमर-अली भी हिस्ट्रीशीटर
अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों उमर व अली को उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी बनाने के बाद उन पर एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। कमिश्नरेट पुलिस ने दोनों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। अन्य हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही अब उनकी सतत निगरानी की जाएगी और जेल से छूटने के बाद भी वह लगातार पुलिस की नजर में रहेंगे।
उमर अतीक का सबसे बड़ा बेटा है, जो वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद है। देवरिया जेल कांड में वह कारागार में निरुद्ध है। उधर, अली रंगदारी मांगने समेत अन्य मामलों में नैनी जेल में निरुद्ध है। उमर पर जहां तीन मुकदमे दर्ज हैं, वहीं अली 11 मुकदमों में आरोपी है। दोनों भाई हाल ही में उमेश पाल हत्याकांड में भी आराेपी बनाए गए हैं। धूमनगंज पुलिस ने इस मामले में उनका रिमांड बनवाया है। दोनों पूर्व से ही जेल में बंद थे, जिस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तलब कर उनकी रिमांड अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की थी।
आरोप है कि दोनों उमेश पाल हत्याकांड की साजिश में शामिल थे और उन्हें साजिश के एक-एक बिंदु की जानकारी थी। पुलिस अफसरों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब जमानत मिलने की स्थिति में भी पुलिस से बच नहीं सकेंगे। उन्हें लगातार संबंधित थाने में जाकर हाजिरी देनी होगी और ऐसा न करने पर पुलिस उनके घर पर भी जा सकती है। अतीक व अशरफ भी खुल्दाबाद थाने के हिस्ट्रीशीटर थे। अतीक की हिस्ट्रीशीट संख्या 39 ए और अशरफ की हिस्ट्रीशीट संख्या 93 ए थी।