Prayagraj : बाल सुधार गृह में अतीक के नाबालिग बेटों ने जागकर बिताई रात, खाने के लिए मांगी बिरयानी
लावारिस हाल में मिलने के बाद बाल सुधार गृह भेजे गए अतीक के बेटों की पहली रात करवटें बदलते बीती। दोनों ने रात जागकर बिताई। सुधार गृह में मिलने वाला सामान्य भोजन भी उन्हें रास नहीं आया।
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लावारिस हाल में मिलने के बाद बाल सुधार गृह भेजे गए अतीक के बेटों की पहली रात करवटें बदलते बीती। दोनों ने रात जागकर बिताई। सुधार गृह में मिलने वाला सामान्य भोजन भी उन्हें रास नहीं आया। दोनों दबी जुबान से मनपसंद खाने और सोने के लिए नर्म बिस्तर की वह मांग करते रहे।
माफिया अतीक अहमद के दो बेटे प्रथम लावारिस हाल में मिलने की वजह से शनिवार को बाल सुधार गृह भेजे गए थे। वहां उनके साथ वही सलूक हो रहा है, जो सामान्य तौर पर अन्य बाल अपराधियों के साथ होता है। मगर वैभव, विलसिता और रुतबे के बीच पले बढ़े रईसजादों को सरकारी छत के नीचे नींद नहीं आ रही है।
नर्म मखमली बिस्तर पर सोने के आदी दोनों लडक़े रातभर करवट बदलते रहे। कभी उन्हें मच्छरों की आवाज परेशान कर रही थी तो कभी साधारण चादर से उन्हें बदबू आ रही थी। वहीं लजीज भोजन के आदी दोनो साहबजादों को सुधार गृह का साधारण भोजन भी नहीं पसंद आया। जानकारी के अनुसार लडक़ों ने जैसे ही पहला निवाला खाया तो वह उनके हलक से नीचे नहीं उतरा।
नई दुनिया के फीके रंग रास न आने पर उन्होंने अपने रुतबे का हवाला देते हुए मनपसंद चाइनीज व्यंजन या बिरयानी मंगवाने की बात कही। साथ ही चादर बदलने और मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती की मांग की। मगर मांग पूरी न होने से दोनों रातभर कसमसाते रहे। दिन में भी दोनों से मिलने वाला कोई नहीं पहुंचा। जिससे दिन भी दीवारें ताकते हुए ही बीता।
खाना न खाने पर दोनों को फटकार भी लगाई गई और साथ ही दोनों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक नाबालिग और लावारिस होने का आधार बनाते हुए दोनों को कुछ सहूलियत दिलाने के लिए न्यायालय में गुहार लगाए जाने की तैयारी है।