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Prayagraj News: पुरानी नियमावली का आश्वासन, पुराने पैटर्न पर संशय

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 02:06 AM IST
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Assurance regarding old regulations; uncertainty over the old pattern.
टीजीटी-पीजीटी के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक शनिवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के साथ कलक्ट्रेट में हुई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रतियोगी छात्रों की समस्याओं एवं मांगों को जिलाधिकारी के समक्ष विस्तार से रखा।
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छात्रों के अनुसार, जिलाधिकारी ने पुरानी नियमावली को बहाल किए जाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, पुराने परीक्षा पैटर्न को बहाल करने के संबंध में अभी स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले आशुतोष पांडेय ने कहा कि पुरानी नियमावली और पुराना परीक्षा पैटर्न हमारी मूल मांग रही है। सिर्फ नियमावली की बहाली पर्याप्त नहीं है। दोनों मांगों को पूरा किया जाना आवश्यक है, क्योंकि परीक्षा पैटर्न में बदलाव का सीधा प्रभाव लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी और उनके अवसरों पर पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा पुराने पैटर्न की मांग पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है या इस मामले में किसी प्रकार की कोताही बरती जाती है, तो छात्र पुनः आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग का पुनः घेराव किया जाएगा और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
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छात्र प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन करते हुए कहा है कि पुरानी नियमावली के साथ-साथ पुराने परीक्षा पैटर्न को भी स्पष्ट रूप से बहाल किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो सके। प्रतिनिधिमंडल में 19 दिनों तक अनशन पर रहने वाले रोशन कुमार, मीना देवी व शिमला पटेल के साथ रिंकी व अन्य शामिल रहे।

नए पैटर्न में कई बदलाव से नाराजगी
टीजीटी-पीजीटी के प्रतियोगी छात्र पुरानी नियमावली के साथ-साथ पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की मांग कर रहे हैं। दरअसल, पिछली भर्ती में सामान्य अध्ययन (जीएस) नहीं था। नए पैटर्न में 30 नंबर का जीएस जोड़ दिया गया है। इसी तरह इस बार निगेटिव मार्किंग भी जोड़ा गया है। संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी विषय के पाठ्यक्रम में भी बदलाव किया गया है। इसमें कुछ पाठ्यक्रम को हटा गया है तो कुछ नए पाठ्यक्रमों को शामिल कर दिया गया है। ऐसे में छात्रों का कहना है कि अचानक हुए बदलाव से छात्रों के लिए तैयारी करना मुश्किल है।
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