असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा स्थगित
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प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए 26 मई से प्रस्तावित लिखित परीक्षा स्थगित कर दी गई है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने कोविड के मद्देनजर लिखित परीक्षा स्थगित की है। इस परीक्षा के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के 2003 पदों पर भर्ती होनी है, जिसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में विज्ञापन संख्या-46 के तहत एक विषय भूगर्भ विज्ञान में असिस्टेंट प्रोफेसर के एक पद और विज्ञापन संख्या-50 के तहत 49 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती होनी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 फरवरी से शुरू हुई थी। आवेदन की अंतिम तिथि बीत चुकी है और तकरीबन एक लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पांच बाद होनी जा रही है, इससे पहले 35 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1150 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2016 में विज्ञापन-47 जारी किया गया था।
हालांकि पांच साल बाद शुरू होने जा रही भर्ती पर कोविड का ग्रहण लग गया है। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने जितने पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, उनमें हिंदी के सर्वाधिक 162 पद शामिल हैं। 49 में आठ विषय ऐसे हैं, जिनमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 100 या इससे अधिक पद हैं। इनमें हिंदी समेत अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, रयासन विज्ञान, बीएड, भूगोल एवं समाजशास्त्र विषय शामिल है।
आयोग की सचिव वंदना त्रिपाठी के अनुसार विज्ञापन संख्या-46 एवं विज्ञापन संख्या-50 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की लिखित परीक्षा राज्य सरकार की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में अपरिहार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्थगित की गई है। लिखित परीक्षा की अगली तिथि की जानकारी आयोग के पोर्टल के माध्यम से जल्द ही दी जाएगी।
आवेदन तिथि नहीं बढ़ाई तो न्यायालय जाएंगे अभ्यर्थी
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की अभ्यर्थियों ने मांग की है। उनका कहना है कि आयोग ने राहत नहीं दी तो न्यायालय की शरण में जाएंगे। अभ्यर्थियों के मुकाबले आवेदन प्रक्रिया में पहले ही दिन से तकनीकी अड़चन आ रही थी। पोर्टल न खुलने के कारण शुरुआती दिनों में ज्यादातर अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सके। इसकी वजह से आयोग को एक बार आवेदन की तिथि बढ़ानी पड़ी, लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी। कई अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन हुआ, फीस भी जमा हुई लेेकिन फॉर्म अंतिम रूप से सब्मिट नहीं कर सके।
कई आवेदकों ने रजिस्ट्रेशन तो जमा कर दिया लेकिन शुल्क जमा करने में तकनीकी अड़चन आ गई। अंतिम तिथि से पहले ही शुल्क जमा सेवा बंद कर दी गई। कई अभ्यर्थियों का आवेदन और शुल्क जमा होने के बावजूद उनके पास कोई कंनफर्मेशन मेल नहीं आया, जिससे अभ्यर्थियों को संदेह है कि परीक्षा में शामिल हो सकेंगे या नहीं। उच्च शिक्षा संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी समरजीत सिंह का कहना है कि अगर आयोग आवेदन की तिथि नहीं बढ़ता है तो हजारों अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाएंगे। आयोग से राहत न मिलने पर अभ्यर्थी न्यायालय जाएंगे।