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Prayagraj News: शासन में अटकी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की फाइल
Wed, 16 Sep 2020 02:01 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
Prayagraj News: शासन में अटकी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की फाइल
Prayagraj News: शासन में अटकी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की फाइल
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 02:01 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
प्रयागराज। प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर समाज शास्त्र के 273 पदों पर भर्ती की फाइल शासन में अटकी हुई है। तकनीकी कारणों से चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी फंसी हुई है। शासन से अब तक कोई जवाब न मिलने पर उच्च शिक्षा निदेशालय के अफसरों ने उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग से संपर्क कर इस मामले में कोई रास्ता निकालने को कहा है।
दरअसल, इस बार आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के रिजल्ट में महिला श्रेणी को अलग कर दिया है। अब महिला श्रेणी की अभ्यर्थियों को केवल महाविद्यालय ही आवंटित किए जा सकते हैं, जबकि एनआईसी के सॉफ्टेवयर में केवल ओपन कैटेगरी में ही काउंसलिंग कराए जाने की व्यवस्था है। आयोग से जारी रिजल्ट और सॉफ्टवेयर के बीच तालमेल न होने के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंस गई है, जबकि उनकी काउंसलिंग हो चुकी है।
रिजल्ट में बदलाव के बाद आई तकनीकी दिक्कत के कारण उच्च शिक्षा निदेशालय ने शासन को पत्र भेजकर इस मामले में दिशा-निर्देश मांगे थे, ताकि भविष्य में कोई कानूनी अड़चन न आए। शासन ने फाइल अब न्याय विभाग को भेज दी है। वहीं, काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।
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अभ्यर्थी उच्च शिक्षा निदेशालय में रोज धरना दे रहे हैं। मंगलवार को भी असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के अभ्यर्थी निदेशालय में धरने पर बैठे रहे। अभ्यर्थियों का कहना है कि निदेशालय और आयोग के बीच तालमेल न होने के कारण उनकी नियुक्ति फंस गई है। वहीं, निदेशालय ने इस समस्या के निराकरण के लिए अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि तकनीकी अड़चन दूर किए जाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में मंगलवार को आयोग से भी संपर्क किया गया है। आयोग से कहा गया है कि रिजल्ट के प्रारूप में कुछ संशोधन करें, ताकि पूर्व की भांति ताकि सॉफ्टेवयर काम कर सके और अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र जारी किए जा सकें। निदेशक को उम्मीद है कि इस हफ्ते कोई रास्ता निकल सकता है।
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दरअसल, इस बार आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के रिजल्ट में महिला श्रेणी को अलग कर दिया है। अब महिला श्रेणी की अभ्यर्थियों को केवल महाविद्यालय ही आवंटित किए जा सकते हैं, जबकि एनआईसी के सॉफ्टेवयर में केवल ओपन कैटेगरी में ही काउंसलिंग कराए जाने की व्यवस्था है। आयोग से जारी रिजल्ट और सॉफ्टवेयर के बीच तालमेल न होने के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंस गई है, जबकि उनकी काउंसलिंग हो चुकी है।
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रिजल्ट में बदलाव के बाद आई तकनीकी दिक्कत के कारण उच्च शिक्षा निदेशालय ने शासन को पत्र भेजकर इस मामले में दिशा-निर्देश मांगे थे, ताकि भविष्य में कोई कानूनी अड़चन न आए। शासन ने फाइल अब न्याय विभाग को भेज दी है। वहीं, काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है।
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अभ्यर्थी उच्च शिक्षा निदेशालय में रोज धरना दे रहे हैं। मंगलवार को भी असिस्टेंट प्रोफेसर समाजशास्त्र के अभ्यर्थी निदेशालय में धरने पर बैठे रहे। अभ्यर्थियों का कहना है कि निदेशालय और आयोग के बीच तालमेल न होने के कारण उनकी नियुक्ति फंस गई है। वहीं, निदेशालय ने इस समस्या के निराकरण के लिए अपने स्तर से प्रयास शुरू कर दिए हैं।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि तकनीकी अड़चन दूर किए जाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में मंगलवार को आयोग से भी संपर्क किया गया है। आयोग से कहा गया है कि रिजल्ट के प्रारूप में कुछ संशोधन करें, ताकि पूर्व की भांति ताकि सॉफ्टेवयर काम कर सके और अभ्यर्थियों को उनके नियुक्ति पत्र जारी किए जा सकें। निदेशक को उम्मीद है कि इस हफ्ते कोई रास्ता निकल सकता है।