Prayagraj : अशरफ के सालों ने 70 करोड़ की वक्फ संपत्ति का कराया बैनामा
सूत्रों का कहना है कि यह लीज फर्जी तरीके से बिना किसी अधिकार के एक रेलवे कॉन्ट्रैक्टर को दी गई जहां वह अपने ठेके से संबंधित सामान आदि रखने का काम करता है। इसके एवज में उससे 20 लाख रुपये महीने का किराया वसूलने की भी बात सामने आई है।
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माफिया खालिद अजीम उर्फ अशरफ के साले मो. जैद व उसके भाइयों ने सिर्फ सल्लाहपुर स्थित वक्फ की जमीन पर ही कब्जा नहीं किया। उन्होंने पूरामुफ्ती व कौशाम्बी के चायल स्थित दो अन्य गांवों में स्थित वक्फ की करीब 70 करोड़ मूल्य की जमीन का बैनामा फर्जी तरीके से करा लिया। इससे संबंधित दस्तावेज हाथ लगने के बाद आला अफसरों ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
जिन तीन गांवों में स्थित वक्फ की संपत्ति का बैनामा कराया गया, उनमें भीरपुर मेडवारा और चायल स्थित मीरपुर गांव शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसका खुलासा तब हुआ जब वक्फ की संपत्ति के फर्जी तरीके से बैनामा किए जाने संबंधी दस्तावेज पुलिस के हाथ लगे। इससे पता चला कि मुतवल्ली सैय्यद मो. असियम ने अपने एक अन्य सहयोगी मोहसेनात अहमद संग मिलकर अशरफ के साले मो. जैद पुत्र मो. अनीस और उसकी पत्नी तलकीमा के नाम बेशकीमती जमीन का बैनामा किया।
यह जमीन भीखपुर मेडवारा गांव में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 8874 वर्ग गज है। इसके अलावा चायल स्थित मीरपुर गांव में भी करीब 0.4570 हेक्टेयर भूमि का बैनामा इसी तरह कराया गया। मामला सामने आने के बाद आला पुलिस अफसरों ने गोपनीय तरीके से जांच शुरू करा दी है। इस बारे में डीसीपी नगर दीपक भूकर का कहना है कि कुछ तथ्य सामने आए हैं। जिनके संबंध में जांच कराई जा रही है।
जमीन लीज पर देकर वसूल रहे 20 लाख महीने का किराया
उधर सल्लाहपुर में ही जैद व उसके अन्य भाइयों की ओर से वक्फ की जमीन को फर्जी तरीके से लीज पर देकर लाखों रुपये किराया वसूलने का भी मामला सामने आया है। सूत्रों का कहना है कि यह लीज फर्जी तरीके से बिना किसी अधिकार के एक रेलवे कॉन्ट्रैक्टर को दी गई जहां वह अपने ठेके से संबंधित सामान आदि रखने का काम करता है। इसके एवज में उससे 20 लाख रुपये महीने का किराया वसूलने की भी बात सामने आई है।
जैद व उसके पिता के नाम पर था बिजली का बिल
उधर अकबरपुर सल्लाहपुर स्थित जमीन पर बने जिस मकान को कुछ समय पहले कुर्क किया गया था, उसके संबंध में पुलिस को एक और सबूत मिला है। पता चला है कि अशरफ की पत्नी जैनब वक्फ की जमीन पर बने जिस मकान में रहती थी, इसका बिजली का बिल जैद व उसके पिता के नाम पर था। यह मकान पिछले साल कुर्क किया गया था। यहीं से पुलिस को कुर्क की कार्रवाई के दौरान तलाशी में कुछ पर्चियां मिली थीं जिससे पता चला था कि अशरफ के जेल जाने के बाद अवैध वसूली व जमीन के धंधों से मिलने वाली रकम का हिसाब किताब जैनब करती थी।
उधर पुलिस के पास अतीक के करीबी एक पार्षद की भी शिकायत पहुंची है। आरोप है कि अटाला में उसने वक्फ की करोड़ों की संपत्ति पर दबंगई के बल पर कब्जा कर लिया। यह पार्षद पूर्व में भी अतीक के नाम पर दबंगई के मामले में चर्चा में आ चुका है। वक्फ की यह जमीन खुल्दाबाद में जिस जगह पर स्थित है, वहां का वर्तमान बाजार मूल्य करोड़ों में है। अफसरों ने इस शिकायती पत्र की भी जांच शुरू करा दी है।