फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ashok Bajpai's Home Bank personnel Gandhigiri

अशोक बाजपेई के घर बैंक कर्मियों की गांधीगीरी

Thu, 25 May 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Thu, 25 May 2017 01:57 AM IST
विज्ञापन
Ashok Bajpai's Home Bank personnel Gandhigiri
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
बकाया कर्ज वसूलने के लिए पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ओर से अनूठा अभियान शुरू किया गया है। बुधवार को अफसरों और कर्मचारियों ने पूर्व विधायक अशोक बाजपेई के आवास पर गांधीगीरी की। इसकी अगुवाई स्वयं सर्किल हेड सुचरिता द्विवेदी ने की। हालांकि अफसरों और कर्मचारियों ने आवास में प्रवेश नहीं किया। कर्ज वसूली का पोस्टर बैनर लेकर वे बाहर ही खड़े रहे। उनकी पूर्व विधायक से मुलाकात भी नहीं हुई। इसके विपरीत अशोक बाजपेई का कहना है कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। बाद में बैंक पहुंचकर उन्होंने अफसरों से वार्ता की।
विज्ञापन


एनपीए हो चुके कर्ज की वसूली के लिए बैंक की ओर से इस तरह की गांधीगीरी की शुरुआत दक्षिण के राज्यों से हुई। वहां सफलता मिलने के बाद अब पूरे देश में यह अभियान शुरू किया गया है। इसी के तहत मंडलीय कार्यालय तथा कई शाखा के अफसर और कर्मचारी पूर्व विधायक के आवास पर पहुंचे। ‘बैंक का पैसा जनता का पैसा है लिए गए ऋण को जमा करें। ऋण लेना आपका अधिकार ऋण चुकाना आपका कर्तव्य’ जैसे स्लोगन वाली तख्ती उनके हाथों में थी। बैंक कर्मी उनके रामबाग और कीडगंज स्थित आवास पर पहुंचे थे। सुचरिता द्विवेदी ने बताया कि अशोक बाजपेई ने चित्रकूट में स्टील फैक्ट्री के लिए लोन लिया था। कुल कर्ज 65 करोड़ रुपये है। अब वह खाता एनपीए में चला गया है। मुख्यालय के निर्देश पर शुरू अभियान के तहत अशोक बाजपेई के घर गए थे। पूर्व विधायक से उनकी मुलाकात नहीं हुई। यह भी बताया कि मुख्यालय के निर्देश बाजपेई का पासपोर्ट रद्द करने के लिए भी लिखा गया है। सर्किल हेड ने बताया कि इस तरह का अभियान अन्य एनपीए खाताधारकाें के खिलाफ जारी रहेगा
विज्ञापन


‘बैंक के अफसरों के घर पर पहुंचने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं दिन भर घर पर था, मुझसे कोई मिलने नहीं आया। सूचना मिलने पर मैं बैंक गया था। मैं हमेशा बैंक जाता रहता हूं। अफसरों का कहना था उन्हें मुझसे कोई कष्ट नहीं है। कर्ज मैंने नहीं लिया। कंपनी के नाम पर लिया गया है, जो पब्लिक लिमिटेड है। मैं उसका एमडी हूं। बैंक ने कर्ज भी 20-22 करोड़ रुपये ही दिया था। शेष राशि ब्याज और अन्य चार्जेज हैं। बैंक ने डीआरटी में 50 करोड़ रुपये का दावा किया है। इसके खिलाफ कंपनी की ओर से भी 116 करोड़ रुपये का दावा किया गया है कि बैंक की वजह से 300 कर्मचारियों की नौकरी चली गई। कंपनी चार साल से बंद है। समाधान ढूंढ़ा जा रहा है। बैंक ने जितने का दावा किया है उसकी तीन गुनी राशि का ऐसेट अब भी पड़ा है, जो जिला प्रशासन के नियंत्रण में है। बैंक का इस तरह से गांधीगीरी करना मुझे बदनाम करने की साजिश है। इसके खिलाफ बैंक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
विज्ञापन
विज्ञापन

अशोक बाजपेई, पूर्व विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed