आशीष मित्तल एआईकेएमएस के नए राष्ट्रीय महासचिव
सम्मेलन में किसानों, बटाईदारों और खेत मजदूरों की बिगड़ी हालत पर चिंता व्यक्त की गई और इसके लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया। प्रस्ताव पारित किए गए कि सरकार किसानों को फसलों के हुए कुल नुकसान का पूरा मुआवजा दे, आत्महत्या कर रहे किसानों के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। बटाईदारों एवं खेत मजदूरों समेत किसानों के सभी कर्ज, जो अदा नहीं कर पा रहे हैं, माफ कर दिए जाएं।
उन्हें संस्थागत कर्ज मुहैया कराया जाए और निजी कर्ज के भुगतान पर कम से कम पांच वर्षों के लिए रोक लगाई जाए। कृषि उत्पाद की बिक्री की गारंटी हो, खेत मजदूरों को पूरे साल का रोजगार उपलब्ध कराया जाए, उन्हें उचित वेतन दिया जाए और सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया जाए। उनके अधिकारों की गारंटी के लिए एक व्यापक कानून बनाया जाए। सम्मेलन में घोषणा की गई कि किसानों और मजदूरों के हितों के लिए एआईकेएमएस हमेशा संघर्षरत रहेगा।