Research : दिमाग के इशारों पर काम करेगा आर्टिफिशियल हाथ, एमएनएनआईटी के छात्रों ने बनाया है प्रोस्थेटिक आर्म
मोती लाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी) के छात्र गतिविधि केंद्र के तहत शनिवार को संस्थान के परिसर में तकनीकी क्लब के बॉटरश इवेंट का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के छात्रों ने उन्नत तकनीक पर आधारित तरह-तरह के उत्पाद प्रस्तुत किए।
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किसी दुर्घटनावश यदि किसी का हाथ कट गया या काम करने लायक नहीं रह गया है, तो चिंता की बात नहीं है। एमएनएनआईटी के छात्रों ने ऐसा कृत्रिम हाथ बनाया है, जो दिमाग के निर्देशों का पूरा पालन करेगा। प्रोस्थेटिक आर्म नाम का यह उपकरण दिव्यांगों का सहारा बन सकता है।
मोती लाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी) के छात्र गतिविधि केंद्र के तहत शनिवार को संस्थान के परिसर में तकनीकी क्लब के बॉटरश इवेंट का आयोजन किया गया। इसमें संस्थान के छात्रों ने उन्नत तकनीक पर आधारित तरह-तरह के उत्पाद प्रस्तुत किए।
इन्हीं में से एक था आर्टीफिशियल हैंड। संस्थान के छात्र श्रेयान दास, आर्यन विश्वकर्मा, अनुज यादव, बमबम गुप्ता और अन्य साथियों ने मिलकर इसे बनाया है। उनका कहना है कि इस तरह के उत्पाद बाजार में उपलब्ध तो हैं, लेकिन उनकी कीमत 20 से 30 हजार रुपये तक है। हमारा उत्पाद अभी प्रारंभिक चरण में है। इसको यदि हम बाजार में भेजेंगे तो इसकी कीमत अधिकतम 10 हजार रुपये तक ही रहेगी।
इवेंट में स्मार्ट डोर, नई तकनीक वाले ड्रोन, रोजमर्रा की जिंदगी में सहायक एप्लीकेशन समेत कई तरह के उत्पाद छात्रों ने सजाए थे। इस अवसर पर निदेशक प्रो आरएस वर्मा, डॉ पीतम सिंह, डॉ आसिम मुखर्जी, डॉ आनंद शर्मा, डॉ सुनील सिंह, डॉ मुकुल शुक्ला, डॉ वीआर कोम्मा समेत अन्य शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
अत्याधुनिक सेंसर से संचालित होगा कृत्रिम हाथ
इस उत्पाद को बनाने वालों में शामिल श्रेयान दास ने बताया कि इलेक्ट्रो मायोग्राफी सेंसर के जरिये दिमाग के निर्देशों को इस कृत्रिम हाथ तक पहुंचाया जाएगा। यह तकनीक हाथ के जिस बिंदु पर दबाव पड़ेगा, उसके इनपुट दिमाग तक भेजेगी, जिसके बाद लगाया गया कृत्रिम हाथ असली हाथ की तरह काम करेगा। इसको बनाने के लिए एबीएस और पीएलए नाम के मैटेरियल का उपयोग किया गया है।
सभी छात्रों के उत्पाद सराहनीय हैं। अकादमिक शिक्षा के इतर इन्होंने जो प्रयास किया है, वह दिखाता है कि भविष्य में हम तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे। संस्थान हमेशा नवाचार को प्रोत्साहित करता रहा है और आगे भी करेगा। इवेंट में प्रतिभाग करने वाले सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। - प्रो आर एस वर्मा, निदेशक एमएनएनआईटी