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सेना के राडार पर अब भी कई अवैध निर्माण
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Army demoished many illegal construction in Pared ground region
- फोटो : CITY DESK
अग्रवाल धर्मशाला ध्वस्त करने के बाद कई अन्य निर्माण सेना के निशाने पर
माघ मेला के बाद हनुमान मंदिर के आसपास से अवैध कब्जे हटा सकती है सेना
प्रयागराज। परेड क्षेत्र में अग्रवाल धर्मशाला समेत कुछ निर्माण को जमींदोज करने के बाद भी सेना के राडार पर अब भी कई पक्के निर्माण हैं। इन्हें कब गिराया जाना है, इसे लेकर सेना मंथन भी कर रही है। बताया जा रहा है इस माह सेना परेड क्षेत्र स्थित बांध पर एक बार फिर से ऐसे निर्माण हटा सकती है, जिसे वह लगातार अवैध बता रही है।
दरअसल, पिछले दिनों सेना की ओर से रक्षा संपदा विभाग को सेना की जमीन पर अतिक्रमण की सूची सौंपी गई थी। साथ ही जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने को कहा था। इस सूची में कुल 16 निर्माण थे। सोमवार दो दिसंबर को इसी क्रम में सेना ने अभियान चलाकर बांध स्थित अग्रवाल धर्मशाला एवं कुछ अन्य निर्माण गिरा दिए। इसे लेकर काफी हो हल्ला भी मचा। इस अभियान के बाद सेना की ओर से आगे भी अपनी जमीन पर बने निर्माण को ध्वस्त करने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि सेना द्वारा मोरी बस्ती, अलोपी बाग के पास गल्ला बाजार आदि इलाकों में अभियान चलाया जा सकता है। इस संबंध में सेना की ओर से नोटिस भी दिया जा चुका है।
अभियान कब चलेगा इसे लेकर सेना की ओर से अभी कोई तारीख मुकर्रर नहीं की गई है लेकि,न जल्द ही अभियान चलाने की चर्चा जरूर ही चल रही है। बताया जा रहा है कि माघ मेला पूर्ण होने के बाद सेना बांध स्थित हनुमान मंदिर के पास अवैध रूप से बने पक्के निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस दौरान ऐसे सरकारी भवन जो सेना की जमीन पर है उसे सेना अपने कब्जे में लेने का विचार कर रही है। हालांकि सरकारी भवन को कब्जे में लेने की कार्रवाई भी मेला के बाद ही हो सकती है।
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माघ मेला के बाद हनुमान मंदिर के आसपास से अवैध कब्जे हटा सकती है सेना
प्रयागराज। परेड क्षेत्र में अग्रवाल धर्मशाला समेत कुछ निर्माण को जमींदोज करने के बाद भी सेना के राडार पर अब भी कई पक्के निर्माण हैं। इन्हें कब गिराया जाना है, इसे लेकर सेना मंथन भी कर रही है। बताया जा रहा है इस माह सेना परेड क्षेत्र स्थित बांध पर एक बार फिर से ऐसे निर्माण हटा सकती है, जिसे वह लगातार अवैध बता रही है।
दरअसल, पिछले दिनों सेना की ओर से रक्षा संपदा विभाग को सेना की जमीन पर अतिक्रमण की सूची सौंपी गई थी। साथ ही जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने को कहा था। इस सूची में कुल 16 निर्माण थे। सोमवार दो दिसंबर को इसी क्रम में सेना ने अभियान चलाकर बांध स्थित अग्रवाल धर्मशाला एवं कुछ अन्य निर्माण गिरा दिए। इसे लेकर काफी हो हल्ला भी मचा। इस अभियान के बाद सेना की ओर से आगे भी अपनी जमीन पर बने निर्माण को ध्वस्त करने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि सेना द्वारा मोरी बस्ती, अलोपी बाग के पास गल्ला बाजार आदि इलाकों में अभियान चलाया जा सकता है। इस संबंध में सेना की ओर से नोटिस भी दिया जा चुका है।
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अभियान कब चलेगा इसे लेकर सेना की ओर से अभी कोई तारीख मुकर्रर नहीं की गई है लेकि,न जल्द ही अभियान चलाने की चर्चा जरूर ही चल रही है। बताया जा रहा है कि माघ मेला पूर्ण होने के बाद सेना बांध स्थित हनुमान मंदिर के पास अवैध रूप से बने पक्के निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। इस दौरान ऐसे सरकारी भवन जो सेना की जमीन पर है उसे सेना अपने कब्जे में लेने का विचार कर रही है। हालांकि सरकारी भवन को कब्जे में लेने की कार्रवाई भी मेला के बाद ही हो सकती है।
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