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तत्काल खत्म हो जा रहे हैं ‘तत्काल’ के टिकट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Apr 2016 01:45 AM IST
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रेलवे भर्ती में नहीं होगा अब इंटरव्यू
- फोटो : pti
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दिल्ली हो या मुंबई, जम्मू हो या फिर अहमदाबाद। इन सभी रूटों की तरफ चलने वाली ट्रेनों में इन दिनों एकाएक यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। ज्यादातर स्थानों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में अगले कई दिन तक लंबी वेटिंग लिस्ट हो गई है। ऐसे में यात्रियों के पास ‘तत्काल’ सेवा का विकल्प ही रह गया है लेकिन तत्काल टिकट के लिए पांच-पांच घंटे मशक्कत करने के बाद भी लोगों के हाथ निराशा ही आ रही है। घंटों लाइन में लगने के बाद टोकन पाने वाले ज्यादातर लोग तत्काल टिकट हासिल करने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। यात्रियों की शिकायत है कि टिकट उसी को मिल पाता है जो लाइन में लगने की बजाय दलालों का सहारा ले रहे हैं।
अधिकांश स्कूल-कालेजों में भले ही गर्मी की छुट्टियां अभी न हुई हो लेकिन गर्मी के इस सीजन में इलाहाबाद जंक्शन से विभिन्न रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में एकाएक यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। मुंबई, चेन्नई, पुणे, जम्मू, जोधपुर, अहमदाबाद, पुरी आदि रूटों पर जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में जून के अंतिम सप्ताह तक किसी भी श्रेणी में जगह नहीं बची है। कुछ ट्रेनों के स्लीपर में अभी गुंजाइश है, लेकिन एसी श्रेणी में यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलती दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में यात्रियों के पास अब अंतिम विकल्प के रूप में तत्काल टिकट का ही सहारा बचा है। लेकिन तत्काल में भी दो मिनट के खेल से ही सारा समीकरण यात्रियों का गड़बड़ा जा रहा है।
तत्काल टिकट की मारामारी का यह आलम है कि एक अदद बर्थ के लिए लोग सुबह-सुबह ही लाइन में लग जा रहे हैं। कीडगंज निवासी अरविंद मिश्र को ही देखे। बृहस्पतिवार की सुबह अरविंद तत्काल श्रेणी में पुणे का टिकट कराने के लिए इलाहाबाद सिटी (रामबाग) रेलवे स्टेशन पहुंचे। तत्काल श्रेणी की टिकट का आवंटन सुबह दस बजे से होता है। लेकिन अरविंद यहां काउंटर खुलने से पहले ही लाइन में लग गए।
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उनके आगे तीन लोग पहले से ही लाइन में लगे थे। सुबह काउंटर आठ बजे खुला। शुरूआत के दो घंटे सामान्य कोटे के टिकट बनने की वजह से लाइन में लगे यात्री अपना नंबर आने पर खिड़की के बगल में खड़े हो गए। दस बजे से पूर्व अरविंद समेत अन्य लोग दुबारा लाइन में लग गए। दस बजे तत्काल के टिकट बनने शुरू हुए। लाइन में तीसरे नंबर पर लगे जब तक अरविंद का नंबर आता तब तक पटना-पुणे एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में प्रतीक्षा सूची हो गई। मात्र दो मिनट में सीट भरने से अरविंद और उसके पीछे लाइन में लगे अन्य लोग भी हैरत में पड़ गए। यहां मुंबई का टिकट बुक कराने आए साउथ मलाका के प्रवीण शुक्ला ने बताया कि पिछले दो दिन से उसे भी मुंबई का कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
इलाहाबाद सिटी जैसी स्थिति ही प्रयाग, नैनी एवं इलाहाबाद जंक्शन की भी है। प्रयाग और नैनी में भी दो से तीन मिनट में सभी प्रमुख रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची हो जा रही है। नैनी की स्थिति अन्य पीआरएस काउंटरों के मुकाबले ज्यादा खराब है। यहां आरक्षण का सिर्फ एक ही काउंटर खुल रहा है। सुबह दस बजे बाद तत्काल टिकट की बुकिंग के दौरान यहां एक टिकट तत्काल का तो दूसरा सामान्य कोटे का बनाया जा पा रहा है। इस वजह से भी तत्काल कोेटे के कंफर्म टिकट लोगों को बमुश्किल ही मिल पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी है जो आसानी से तत्काल श्रेणी की कनफर्म टिकट लेकर उसे मुंहमांगे दाम में बेच दे रहे हैं। सूत्रों की माने सिविल लाइंस और इलाहाबाद जंक्शन के आसपास कुछ ट्रेवल एजेंसियां भी मुंहमांगी कीमत पर यात्रियों को विभिन्न रूटों का कंफर्म तत्काल टिकट आसानी से उपलब्ध करा दे रही हैं।
दरअसल इलाहाबाद जंक्शन पर तत्काल कोटे के तहत टिकट लेने के लिए यात्रियों को अलग से टोकन नंबर जारी किए जाने की व्यवस्था है। टोकन नंबर के हिसाब से यात्री को संबंधित काउंटर पर पहुंचना होता है। लेकिन यहां भी महज तीन से चार मिनट में ही विभिन्न दिशाओं की ओर जाने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची हो जा रही है। बताया जा रहा है जरूरत मंद लोगों से पैसे लेकर जंक्शन पर भी टोकन लेने के लिए तमाम ट्रेवल एजेंसियाें से जुड़े लोग लाइन में लग जाते है। एजेंसियों से जुड़े ज्यादातर लोग कंफर्म टिकट पाने में कामयाब भी हो जाते हैं।
‘रेलवे की जांच टीम लगातार आरक्षण केंद्रों की निगरानी रख रही है। सीसीटीवी कैमरे भी जंक्शन के आरक्षण केंद्र में लगे हैं। आरपीएफ के जवान भी वहां तैनात किए गए हैं। ऐसे में यहां हेरा फेरी संभव नहीं है।’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर
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अधिकांश स्कूल-कालेजों में भले ही गर्मी की छुट्टियां अभी न हुई हो लेकिन गर्मी के इस सीजन में इलाहाबाद जंक्शन से विभिन्न रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में एकाएक यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। मुंबई, चेन्नई, पुणे, जम्मू, जोधपुर, अहमदाबाद, पुरी आदि रूटों पर जाने वाली सभी प्रमुख ट्रेनों में जून के अंतिम सप्ताह तक किसी भी श्रेणी में जगह नहीं बची है। कुछ ट्रेनों के स्लीपर में अभी गुंजाइश है, लेकिन एसी श्रेणी में यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलती दिखाई नहीं दे रही है। ऐसे में यात्रियों के पास अब अंतिम विकल्प के रूप में तत्काल टिकट का ही सहारा बचा है। लेकिन तत्काल में भी दो मिनट के खेल से ही सारा समीकरण यात्रियों का गड़बड़ा जा रहा है।
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तत्काल टिकट की मारामारी का यह आलम है कि एक अदद बर्थ के लिए लोग सुबह-सुबह ही लाइन में लग जा रहे हैं। कीडगंज निवासी अरविंद मिश्र को ही देखे। बृहस्पतिवार की सुबह अरविंद तत्काल श्रेणी में पुणे का टिकट कराने के लिए इलाहाबाद सिटी (रामबाग) रेलवे स्टेशन पहुंचे। तत्काल श्रेणी की टिकट का आवंटन सुबह दस बजे से होता है। लेकिन अरविंद यहां काउंटर खुलने से पहले ही लाइन में लग गए।
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उनके आगे तीन लोग पहले से ही लाइन में लगे थे। सुबह काउंटर आठ बजे खुला। शुरूआत के दो घंटे सामान्य कोटे के टिकट बनने की वजह से लाइन में लगे यात्री अपना नंबर आने पर खिड़की के बगल में खड़े हो गए। दस बजे से पूर्व अरविंद समेत अन्य लोग दुबारा लाइन में लग गए। दस बजे तत्काल के टिकट बनने शुरू हुए। लाइन में तीसरे नंबर पर लगे जब तक अरविंद का नंबर आता तब तक पटना-पुणे एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में प्रतीक्षा सूची हो गई। मात्र दो मिनट में सीट भरने से अरविंद और उसके पीछे लाइन में लगे अन्य लोग भी हैरत में पड़ गए। यहां मुंबई का टिकट बुक कराने आए साउथ मलाका के प्रवीण शुक्ला ने बताया कि पिछले दो दिन से उसे भी मुंबई का कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
इलाहाबाद सिटी जैसी स्थिति ही प्रयाग, नैनी एवं इलाहाबाद जंक्शन की भी है। प्रयाग और नैनी में भी दो से तीन मिनट में सभी प्रमुख रूटों पर चलने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची हो जा रही है। नैनी की स्थिति अन्य पीआरएस काउंटरों के मुकाबले ज्यादा खराब है। यहां आरक्षण का सिर्फ एक ही काउंटर खुल रहा है। सुबह दस बजे बाद तत्काल टिकट की बुकिंग के दौरान यहां एक टिकट तत्काल का तो दूसरा सामान्य कोटे का बनाया जा पा रहा है। इस वजह से भी तत्काल कोेटे के कंफर्म टिकट लोगों को बमुश्किल ही मिल पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे भी है जो आसानी से तत्काल श्रेणी की कनफर्म टिकट लेकर उसे मुंहमांगे दाम में बेच दे रहे हैं। सूत्रों की माने सिविल लाइंस और इलाहाबाद जंक्शन के आसपास कुछ ट्रेवल एजेंसियां भी मुंहमांगी कीमत पर यात्रियों को विभिन्न रूटों का कंफर्म तत्काल टिकट आसानी से उपलब्ध करा दे रही हैं।
दरअसल इलाहाबाद जंक्शन पर तत्काल कोटे के तहत टिकट लेने के लिए यात्रियों को अलग से टोकन नंबर जारी किए जाने की व्यवस्था है। टोकन नंबर के हिसाब से यात्री को संबंधित काउंटर पर पहुंचना होता है। लेकिन यहां भी महज तीन से चार मिनट में ही विभिन्न दिशाओं की ओर जाने वाली ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची हो जा रही है। बताया जा रहा है जरूरत मंद लोगों से पैसे लेकर जंक्शन पर भी टोकन लेने के लिए तमाम ट्रेवल एजेंसियाें से जुड़े लोग लाइन में लग जाते है। एजेंसियों से जुड़े ज्यादातर लोग कंफर्म टिकट पाने में कामयाब भी हो जाते हैं।
‘रेलवे की जांच टीम लगातार आरक्षण केंद्रों की निगरानी रख रही है। सीसीटीवी कैमरे भी जंक्शन के आरक्षण केंद्र में लगे हैं। आरपीएफ के जवान भी वहां तैनात किए गए हैं। ऐसे में यहां हेरा फेरी संभव नहीं है।’
00 बिजय कुमार, सीपीआरओ, एनसीआर