Allahabad University : गरीब छात्रों से मांगे गए आवेदन, कुलपति से मंजूरी मिलने पर जमा फीस भी होगी वापस
डीएसडब्ल्यू प्रो. एसएम प्रसाद की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर किसी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और फीस जमा करने पाने में सक्षम नहीं है तो वह फीस माफी के लिए डीएसडब्ल्यू कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकता है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में बढ़ी हुई फीस पर परास्नातक (पीजी) में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कई विभागों में तकरीबन आधी सीटें भर चुकीं हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि अगर वे फीस माफ कराना चाहते हैं तो डीएसडब्ल्यू कार्यालय में उपलब्ध फॉर्म भर दें। डीएसडब्ल्यू प्रो. एसएम प्रसाद की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि अगर किसी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और फीस जमा करने पाने में सक्षम नहीं है तो वह फीस माफी के लिए डीएसडब्ल्यू कार्यालय में निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर सकता है। इसके लिए गठित कमेटी विश्वविद्यालय के नियमों के तहत संबंधित विद्यार्थी के रिकार्ड का परीक्षण करेगी।
इसके बाद अगर कुलपति से मंजूरी मिलती है तो संबंधित विद्यार्थी की फीस माफ कर दी जाएगी। अगर विद्यार्थी फीस जमा कर चुका है तो उसकी फीस वापस कर दी जाएगी। यह विश्वविद्यालय की ड्यूटी है कि कोई भी मेधावी छात्र उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए गरीब छात्र कल्याण कोष से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए पुस्तकें भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
डीएसडब्लयू ने विद्यार्थियों को यह सलाह भी दी है कि समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर जोकर पोस्ट मैट्रिक फेलोशिप के लिए आवेदन करें और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित नियमों के तहत स्कॉरशिप के साथ शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ उठाएं। इसी तरह दूसरे राज्यों के छात्र अपने-अपने राज्य में भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते हैं। साथ ही नेशनल स्कॉलरशिप के लिए भी संबंधित पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।