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एनी बेसेंट स्कूल : बच्चे कम, गाय बकरियों का लगा रहता है जमावड़ा, बच्चों की कमी से नहीं पढ़ाया जाता विज्ञान

Sun, 28 Jul 2024 07:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 28 Jul 2024 07:31 PM IST
सार

विद्यालय में 25 कमरे हैं। लेकिन छात्राओं की संख्या कम होने की वजह से पांच में ताले लटक रहे हैं। कुछ कमरे ही सलामत हैं, जिसमें कक्षाएं चल रही हैं। भवन की रंगाई-पुताई कब हुई है, यह शिक्षिकाओं को भी याद नहीं है।

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Annie Besant School: Less children, there is a crowd of cows and goats, science is not taught due to lack of c
एनी बेसेंट इंटर कॉलेज प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

98 साल पुराने एनी बेसेंट स्कूल में कदम रखते ही आपको बच्चे कम परिसर में मवेशी ज्यादा मिलेंगे। कभी इस विद्यालय से पढ़कर निकलीं छात्राएं देश के आजादी में भागीदार बनी थीं, लेकिन अब यहां के हालात देखकर प्रवेश लेने से भी सकुचाती हैं। विद्यालय की चहारदीवारी गिरी है। विद्यालय की जमीन पर कब्जा है। स्कूल के समय परिसर में बकरी, सुअर और गाय घूमती रहती हैं।

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विद्यालय में 25 कमरे हैं। लेकिन छात्राओं की संख्या कम होने की वजह से पांच में ताले लटक रहे हैं। कुछ कमरे ही सलामत हैं, जिसमें कक्षाएं चल रही हैं। भवन की रंगाई-पुताई कब हुई है, यह शिक्षिकाओं को भी याद नहीं है। यहां के हालात देख यही लगता है कि विद्यालय प्रबंधन भी स्कूल की बेहतरी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। कक्षा एक से आठवीं तक एडेड विद्यालय है। इसमें सात शिक्षिकाएं हैं। जूनियर स्तर तक बच्चों की संख्या बहुत कम है। वर्षों से एक भी बच्चा मेरिट में नहीं आया है।
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नाैवीं से 12वीं तक वित्तविहीन कक्षाएं चलती हैं। इसमें पांच शिक्षिकाएं तैनात हैं। वर्ष 1997 में यहां 1400 बच्चे पढ़ते थे। बच्चों की कमी से पिछले साल विज्ञान वर्ग को बंद कर दिया गया। विद्यालय में खेल-कूद की सुविधाएं न के बराबर है। यहां खेल शिक्षक नहीं हैं।
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98 वर्ष पुराने भवन की छत भी गिर गई है। विद्यालय के आसपास बड़ी-बड़ी घास उग आई है। यहां अक्सर सांप निकलते रहते हैं। इस संबंध में प्रधानाचार्य कहते हैं कि उन्होंने कई बार डीएम, कमिश्नर, नगर आयुक्त को पत्र लिखा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

स्कूल की ओर जाने वाली सड़क बदहाल

रेलवे फाटक से छोटा बगाड़ा स्थित स्कूल तक पहुंचने वाली सड़क बदहाल है। सड़क इतनी खराब है कि पैदल चलना दूभर है। उसी में मवेशियों का भी आना-जाना लगा रहता है।
यहां के विद्यार्थी रहे जज अशोक भूषण

प्रधानाचार्य ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जज अशोक भूषण और हाईकोर्ट के जज अनिल भूषण यहां के विद्यार्थी रहे। यहां से डॉ. कार्तिकेय शर्मा और डॉ. संजय अस्थाना ने भी पढ़ाई की है। पिछले दस सालों से स्कूल की स्थिति खराब हो गई है।

मवेशियों को हटाने के लिए कई बार पत्र लिखा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है। विद्यालय परिसर भी साफ-सुथरा नहीं है। पिछले दस सालों में छात्रों की संख्या घटती जा रही है। विद्यालय परिसर में कब्जा हटे तो स्थिति ठीक होगी। इतनी गंदगी में कोई भी अभिभावक बच्चे को नहीं भेजेंगे। - मीरा सिंह, प्रधानाचार्य

डॉ. एनी बेसेंट ने की थी स्थापना

डॉ. एनी बेसेंट ने 1926 में छोटा बघाड़ा में जूनियर विद्यालय की स्थापना की थी। वह ब्रिटिश महिला अधिकारों के लिए काम करती थीं। 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वह पहली महिला अध्यक्ष बनी थीं।

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