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अवैध मंडियों के खिलाफ भड़का आढ़तियों का गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 15 Apr 2017 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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जिले में अवैध मंडियों की भरमार को लेकर मुंडेरा मंडी में आढ़तियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। आढ़तियों का आरोप था कि जिले में अवैध मंडियां संचालित होने से उन्हें टमाटर का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। आढ़तियों में मंडी सचिव के खिलाफ भी नारेबाजी की और कई क्विंटल टमाटर मंडी गेट के सामने फेंक कर अपना विरोध जताया।
आढ़तियों का कहना है कि इलाहाबाद में अवैध मंडियों की भरमार होने से उनका व्यापार चौपट हो रहा है। मंडल की मुख्य मंडी होने के बावजूद यहां टमाटर दो रुपये प्रतिकिलो की दर से भी नहीं बिक पा रहा है। खरीदारों के न आने और बिक्री कम होने से गर्मी के इस मौसम में टमाटर आदि सड़ने लगे है। मंडी में कोल्ड स्टोर तक की भी सुविधा नहीं है, जहां जल्दी खराब होने वाली सब्जियों को सुरक्षित रखा जा सके। टमाटर आदि न बिकने से नाराज आढ़ती मुंडेरा मंडी शुक्रवार की सुबह मंडी के गेट पर आ गए। यहां तकरीबन दो ट्रक टमाटर, पपीता, मुसम्बी आदि मंडी के गेट के सामने फेंक दिया गया।
यहां आढ़तियों ने मंडी सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुंडेरा फल, सब्जी मंडल महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा ने बताया कि इलाहाबाद मंडल की मुख्य मंडी मुंडेरा ही है। इसके अलावा पांच उपमंडी फुलपुर, प्रतापगढ़, बादशाहपुर, सिरसा और जसरा में है। सब्जी, फल आदि की खरीद फरोख्त इन्हीं मंडियों में होनी चाहिए, लेकिन जिले में फाफामऊ, शिवगढ़, सोरांव, नैनी, बख्शीबांध, खुल्दाबाद आदि इलाकों में धड़ल्ले से अवैध मंडियां चल रही है। इन मंडियों को तत्काल बंद न किया गया तो आढ़ती भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मंडी सचिव के स्थानांतरण की भी मांग की। उधर फल व्यापार मंडल महासंघ के संरक्षक तारिक सईद अज्जू ने कहा कि आलू की तरह सभी सीजनल सब्जियों और फल का दाम निर्धारित किया जाए। ताकि आढ़तियों को नुकसान न हो।
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आढ़तियों का कहना है कि इलाहाबाद में अवैध मंडियों की भरमार होने से उनका व्यापार चौपट हो रहा है। मंडल की मुख्य मंडी होने के बावजूद यहां टमाटर दो रुपये प्रतिकिलो की दर से भी नहीं बिक पा रहा है। खरीदारों के न आने और बिक्री कम होने से गर्मी के इस मौसम में टमाटर आदि सड़ने लगे है। मंडी में कोल्ड स्टोर तक की भी सुविधा नहीं है, जहां जल्दी खराब होने वाली सब्जियों को सुरक्षित रखा जा सके। टमाटर आदि न बिकने से नाराज आढ़ती मुंडेरा मंडी शुक्रवार की सुबह मंडी के गेट पर आ गए। यहां तकरीबन दो ट्रक टमाटर, पपीता, मुसम्बी आदि मंडी के गेट के सामने फेंक दिया गया।
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यहां आढ़तियों ने मंडी सचिव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुंडेरा फल, सब्जी मंडल महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुशवाहा ने बताया कि इलाहाबाद मंडल की मुख्य मंडी मुंडेरा ही है। इसके अलावा पांच उपमंडी फुलपुर, प्रतापगढ़, बादशाहपुर, सिरसा और जसरा में है। सब्जी, फल आदि की खरीद फरोख्त इन्हीं मंडियों में होनी चाहिए, लेकिन जिले में फाफामऊ, शिवगढ़, सोरांव, नैनी, बख्शीबांध, खुल्दाबाद आदि इलाकों में धड़ल्ले से अवैध मंडियां चल रही है। इन मंडियों को तत्काल बंद न किया गया तो आढ़ती भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मंडी सचिव के स्थानांतरण की भी मांग की। उधर फल व्यापार मंडल महासंघ के संरक्षक तारिक सईद अज्जू ने कहा कि आलू की तरह सभी सीजनल सब्जियों और फल का दाम निर्धारित किया जाए। ताकि आढ़तियों को नुकसान न हो।
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