अंदावा हादसा : बेटों का शव देख बेसुध हो गए घरवाले, चारों तरफ मची रही चीख पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रमोद और अंकित को काफी मशक्कत के बाद तालाब से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी। उन्हें 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही सांसें थम गईं।
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अंदावा में हुए हादसे के बाद अंदावा से लेकर मर्चरी तक अफरातफरी मची रही। बेटों का शव देख परिजन बेसुध हो गए। माता-पिता व अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं घटना से ग्रामीण भी स्तब्ध थे। मौके पर घंटों चीखपुकार मची रही।
मौके से जिन छह लोगों को बचाया गया उनमें करन, राज और गोरे भी शामिल थे। उन्होनें बताया कि सभी मूर्ति लेकर तालाब में उतरकर आगे बढ़े ही थे, कि पांव फिसलने से उनका एक साथी गहराई में चला गया। उसे बचाने में दूसरा भी डूबने लगा और फिर एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में ही सभी गहराई में चले गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रमोद और अंकित को काफी मशक्कत के बाद तालाब से बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी। उन्हें 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही सांसें थम गईं। उधर मौके पर पहुंचे गोताखोर जब तक अनिल को तालाब से बाहर निकालते, उसकी मौत हो चुकी थी। बाहर निकाले गए अन्य छह लोगों को भी एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया जहां उनका उपचार अस्पताल में चलता रहा।
घर का चिराग था प्रमोद
सहसों का रहने वाला 15 वर्षीय प्रमोद घर का चिराग था। पिता धर्मराज के तीन भाईयों में अकेला प्रमोद ही पुत्र था। वह कक्षा आठ का छात्र था। उसकी मौत से मां सोना देेवी बेसुध पड़ी रही। पिता धर्मराज मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करता है। बेटे की मौत से परिजनों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा था।
इसी प्रकार थरवई के शेख अहमदपुर मीरापुर गांव निवासी अंकित पुत्र शिव पूजन कक्षा ग्यारह का छात्र था। पिता की साइकिल की दुकान है। बेटे की मौत से मां श्यामकली का रो-रो कर बुरा हाल था। 16 वर्षीय अनिल पुत्र शिवबाबू भी कक्षा ग्यारह का छात्र था। वह दो भाईयों में बड़ा था। उसके पिता शिवबाबू सहसों के एक इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। बेटे की मौत से मां सीमा देवी बेसुध पड़ी रही।
पुलिस को नहीं थी सूचना
थरवई के मीरापुर गांव के शेख अहमदपुर गांव में बगैर पुलिस को सूचना दिए चैत्र नवरात्र पर दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की गई थी। पुलिस और प्रशासन को यह भी नहीं पता था कि नवरात्र समाप्त होने के बाद देवी मां की प्रतिमा को अंदावा के तालाब में विसर्जित किया जाएगा। बगैर किसी सूचना के गांव के सैकड़ों ग्रामीण दुर्गा प्रतिमा लेकर अंदावा तालाब पहुंचे और गहरे पानी में चले गए। इस दौरान असमय तीन किशोरों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मृतकों के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे सांसद और विधायक
सहसों और मीरापुर गांव के तीन किशोरों की तालाब में डूबने से हुई मौत के सोमवार की शाम फूलपुर सांसद केसरी देवी पटेल तथा विधायक प्रवीण सिंह पटेल गांव पहुंचे व उन्हें ढांढ़स बंधाया। सांसद केसरी देवी पटेल और विधायक प्रवीण पटेल ने डीएम से बात कर तात्कालिक अनुग्रह राशि चार लाख रुपये के साथ परिवार की हर संभव मदद किए जाने का आश्वासन दिया। मौके पर तहसीलदार अजीत कुमार सिंह भी तहसीलकर्मियों के साथ पहुंचे थे।