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Prayagraj News: इविवि के एमएससी छात्र ने कमरे में फंदा लगाकर दी जान
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के छात्र संजीव कुमार ने बुधवार तड़के अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। संजीव सलोरी में रहकर एमएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई करता था। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। कर्नलगंज थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मूलरूप से बस्ती जिले के थाना कप्तानगंज के गांव मस्जिदया का रहने वाला संजीव (25) अपने बड़े भाई संजीत के साथ सलोरी में किराये के मकान में रहता था। रोजाना की तरह ही मंगलवार रात दोनों भाईयों ने अपने कमरे में खाना खाया। इसके बाद बड़ा भाई संजीत कुमार छत पर सोने चला गया।
अगली सुबह करीब छह बजे संजीत नीचे आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। खटखटाने पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा तो संजीव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। शोर मचाने पर अन्य किराएदार समेत आसपास के लोग एकत्र हो गए।
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मामले की सूचना पुलिस को दी गई। दरवाजा ताेड़ पुलिस अंदर पहुंची और संजीव को फंदे से उतारकर एसआरएन पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि संजीव इविवि में पढ़ाई करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी करता था।
मोबाइल से सामने आएगा मौत का सच
घटना के बाद पुलिस ने कमरे की जांच की, लेकिन घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में संजीव ने फंदा किन कारणों से लगाया है। इसके बारे में पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस को संजीव का मोबाइल मिला है, जिसको कब्जे में ले लिया गया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
चार भाईयों में सबसे छोटा था संजीव
संजीव के पिता रामलोटन मौर्य किसान हैं। उन्होंने बताया कि चार भाईयों में संजीव सबसे छोटा था। वह पढ़ाई में बहुत तेज था। दो दिन पहले साेमवार को संजीत और संजीव घर आए थे। इस दौरान संजीव की सबसे बातचीत भी हुई। लेकिन, लगा ही नहीं कि उसके मन में आत्महत्या की बात चल रही है। अगर पता होता तो उसे कभी वापस प्रयागराज नहीं आने देता। वहीं, बुधवार दोपहर संजीव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जहां देर-शाम परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हो गए।
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मूलरूप से बस्ती जिले के थाना कप्तानगंज के गांव मस्जिदया का रहने वाला संजीव (25) अपने बड़े भाई संजीत के साथ सलोरी में किराये के मकान में रहता था। रोजाना की तरह ही मंगलवार रात दोनों भाईयों ने अपने कमरे में खाना खाया। इसके बाद बड़ा भाई संजीत कुमार छत पर सोने चला गया।
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अगली सुबह करीब छह बजे संजीत नीचे आया तो अंदर से दरवाजा बंद था। खटखटाने पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से देखा तो संजीव पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। शोर मचाने पर अन्य किराएदार समेत आसपास के लोग एकत्र हो गए।
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मामले की सूचना पुलिस को दी गई। दरवाजा ताेड़ पुलिस अंदर पहुंची और संजीव को फंदे से उतारकर एसआरएन पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में पता चला कि संजीव इविवि में पढ़ाई करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी करता था।
मोबाइल से सामने आएगा मौत का सच
घटना के बाद पुलिस ने कमरे की जांच की, लेकिन घटनास्थल से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में संजीव ने फंदा किन कारणों से लगाया है। इसके बारे में पता नहीं चल सका है। वहीं, पुलिस को संजीव का मोबाइल मिला है, जिसको कब्जे में ले लिया गया है। कर्नलगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।
चार भाईयों में सबसे छोटा था संजीव
संजीव के पिता रामलोटन मौर्य किसान हैं। उन्होंने बताया कि चार भाईयों में संजीव सबसे छोटा था। वह पढ़ाई में बहुत तेज था। दो दिन पहले साेमवार को संजीत और संजीव घर आए थे। इस दौरान संजीव की सबसे बातचीत भी हुई। लेकिन, लगा ही नहीं कि उसके मन में आत्महत्या की बात चल रही है। अगर पता होता तो उसे कभी वापस प्रयागराज नहीं आने देता। वहीं, बुधवार दोपहर संजीव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, जहां देर-शाम परिजन शव को लेकर अपने गांव रवाना हो गए।