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High Court : अमरोहा परिवहन पंजीकरण प्राधिकारी का 448 एम्बुलेंस का पंजीकरण निरस्त करने का आदेश रद्द
Mon, 05 Aug 2024 03:32 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 05 Aug 2024 03:32 PM IST
सार
अमरोहा के परिवहन पंजीकरण अधिकारी की ओर से जारी इस आदेश में मोटर व्हिकल अधिनियम 1988 का पालन नहीं किया गया है। इस आधार पर एंबुलेंस के पंजीकरण निरस्त करने के आदेश को खारिज किया जाता है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमरोहा परिवहन पंजीकरण प्राधिकारी के 448 एंबुलेंस के रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आदेश से पहले मालिकों को नोटिस देने के नियमों का पालन नहीं किया गया। न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने पीएस जनरल एवं एंबुलेंस सर्विस प्रालि की याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया है। कोर्ट ने फैसले में मोटर व्हिकल अधिनियम 1988 का हवाला देते हुए कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताया। कहा कि नियमानुसार मालिकों को पंजीकृत नोटिस नहीं दिया गया।
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अमरोहा के परिवहन पंजीकरण अधिकारी की ओर से जारी इस आदेश में मोटर व्हिकल अधिनियम 1988 का पालन नहीं किया गया है। इस आधार पर एंबुलेंस के पंजीकरण निरस्त करने के आदेश को खारिज किया जाता है। सरकार की तरफ से विपक्ष अधिवक्ता ने कहा कि अधिनियम की धारा 40 के तहत स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वाहन मालिक के वाहन को उस राज्य में पंजीकृत होना चाहिए, जहां उनका आवास है, न कि उस राज्य में जहां उनके वाहन व्यवसाय चल रहे हैं।
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उपरोक्त सभी वाहनों के मालिक दिल्ली एनसीआर, हरियाणा और कानपुर नगर के रहने वाले हैं। इसमें कोई भी एंबुलेंस वाहन मालिक अमरोहा का निवासी नहीं है, इसके साथ ही इन सभी वाहनों का संचालन ज्यादातर दिल्ली में होता है। इसलिए अधिनियम के उपनियम इन वाहनों पर लागू नहीं होते। कोर्ट ने इस बात का भी हवाला दिया कि किसी भी राज्य के परिवहन प्राधिकारी को पंजीकरण निरस्त करने से पहले वाहन मालिकों को सूचना भेजनी होती है। लेकिन, इस केस में ऐसा नहीं हुआ। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की ओर से मोटर वाहन विभाग अमरोहा ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 में निर्गत किए गए।
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अधिकारों का प्रयोग करते हुए 448 एंबुलेंस का पंजीकरण निरस्त करने का आदेश दिया था। श्रीसाई एंबुलेंस सर्विसेस और गगन त्यागी एंबुलेंस सर्विसेस के वाहनों के नाम व पते फर्जी पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई। परिवहन आयुक्त अमरोहा के निर्देश पर सभी एंबुलेंस वाहनों के संचालन पर देशभर में रोक लगा दी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए एंबुलेंस संचालकों के पक्ष में फैसला सुनाया।