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अमर उजाला पुलिस की पाठशाला : ऑटोफिल ओटीपी फीचर उड़ा देगा मेहनत की कमाई
Thu, 15 May 2025 11:44 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 15 May 2025 11:44 AM IST
सार
मोबाइल पर ऑटोफिल ओटीपी फीचर का इस्तेमाल करते हैं तो सतर्क हो जाएं। यह फीचर आपकी मेहनत की कमाई उड़ा देगा। असुरक्षित वेबसाइटों को एक्सेस करते वक्त इस फीचर के इस्तेमाल से निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं और आप साइबर अपराध का शिकार बन सकते हैं।
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अमर उजाला पुलिस की पाठशाला में हिस्सा लेते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
मोबाइल पर ऑटोफिल ओटीपी फीचर का इस्तेमाल करते हैं तो सतर्क हो जाएं। यह फीचर आपकी मेहनत की कमाई उड़ा देगा। असुरक्षित वेबसाइटों को एक्सेस करते वक्त इस फीचर के इस्तेमाल से निजी जानकारियां लीक हो सकती हैं और आप साइबर अपराध का शिकार बन सकते हैं।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में यह बातें एडीसीपी गंगानगर आईपीएस पुष्कर वर्मा ने बुधवार को कहीं। राजकीय इंटर कॉलेज में छात्रों से संवाद करते हुए उन्होंने आधुनिक तरीके के साइबर अपराध और उनसे बचाव के तरीकों पर चर्चा की।
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उन्होंने कहा, अकाउंट लॉगिन करते वक्त ओटीपी मैनुअल तरीके से खुद ही इंटर करें और इसे किसी के भी साझा न करें। ऑनलाइन खरीदारी करते समय सेव कार्ड्स विकल्प का प्रयोग भी सोच-समझकर ही करें। एक बार डेबिट या क्रेडिट कार्ड की डिटेल सेव हो जाने के बाद इसे मिटाया नहीं जा सकता।
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मूल वेबसाइट से ही लें कस्टमर केयर नंबर
एडीसीपी ने बताया, अक्सर कस्टमर केयर नंबर खोजने के लिए गूगल सर्च किया जाता है। कई बार साइबर अपराधी फर्जी कस्टमर केयर नंबर भी डाल देते हैं। ऐसे में मूल वेबसाइट से ही संबंधित कस्टमर केयर नंबर खोजना चाहिए। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एप्स से दूर रहें। यह पहले आपको लालच देकर लुभाएंगे और फिर झांसा देकर रुपये ऐंठेगे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाले साइबर अपराध जैसे फेस स्वैप, डिजिटल अरेस्ट आदि के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
वीडियो देखकर जागरूक हुए विद्यार्थी
कार्यक्रम में साइबर थाने की टीम ने छात्रों को जागरूकता के संबंध में कुछ वीडियो भी दिखाए। इसमें बताया गया कि किस तरह साइबर जालसाज लोगों को शिकार बनाकर उनकी मेहनत की कमाई उड़ा देते हैं। प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा, कार्यक्रम में अहम जानकारियां मिलीं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वह खुद जागरूक हों और यहां मिलीं जानकारियों को माता-पिता व अन्य परिजनों व आसपास के लोगों से भी साझा करें। कार्यक्रम में छात्र सागर वंशकार, युग विश्वकर्मा, मो. नुमान, सिद्धार्थ पांडेय, सूरज सिंह, अंश प्रताप को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य अब्दुल कादिर समेत अन्य शिक्षक व स्टाफ मौजूद रहा।
एडीसीपी ने बताया, अक्सर कस्टमर केयर नंबर खोजने के लिए गूगल सर्च किया जाता है। कई बार साइबर अपराधी फर्जी कस्टमर केयर नंबर भी डाल देते हैं। ऐसे में मूल वेबसाइट से ही संबंधित कस्टमर केयर नंबर खोजना चाहिए। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एप्स से दूर रहें। यह पहले आपको लालच देकर लुभाएंगे और फिर झांसा देकर रुपये ऐंठेगे। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाले साइबर अपराध जैसे फेस स्वैप, डिजिटल अरेस्ट आदि के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी।
वीडियो देखकर जागरूक हुए विद्यार्थी
कार्यक्रम में साइबर थाने की टीम ने छात्रों को जागरूकता के संबंध में कुछ वीडियो भी दिखाए। इसमें बताया गया कि किस तरह साइबर जालसाज लोगों को शिकार बनाकर उनकी मेहनत की कमाई उड़ा देते हैं। प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा, कार्यक्रम में अहम जानकारियां मिलीं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वह खुद जागरूक हों और यहां मिलीं जानकारियों को माता-पिता व अन्य परिजनों व आसपास के लोगों से भी साझा करें। कार्यक्रम में छात्र सागर वंशकार, युग विश्वकर्मा, मो. नुमान, सिद्धार्थ पांडेय, सूरज सिंह, अंश प्रताप को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य अब्दुल कादिर समेत अन्य शिक्षक व स्टाफ मौजूद रहा।