अमर उजाला-नेस्ले मैगी की ओर से प्लास्टिक प्रदूषण से खतरों और बचाव के उपायों पर हुई चर्चा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्लास्टिक प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा निस्तारण-प्रबंधन के लिए जागरूकता जरूरी है। थोड़ी सी सजगता हमें प्लास्टिक के दुष्प्रभाव से बचा सकती है। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बड़ा कार्य होगा। विशेषज्ञों की इस सलाह को लोगों ने माना। स्वच्छता के लिए स्वत: संकल्प लेते हुए प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ इस सार्थक मुहिम में शामिल होने का भरोसा दिलाया।
मौका था अमर उजाला और नेस्ले मैगी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दो मिनट सफाई के नाम’ जागरूकता कार्यशाला का, जिसमें धर्म, शिक्षा, कानून, स्वास्थ्य, व्यापार, समाजसेवा समेत अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हुए। सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ स्वच्छता की इस मुहिम को सराहा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य और स्वच्छ कुंभ के आयोजन ने पूरे देश को स्वच्छता का संदेश दिया है। इसकी पूरी दुनिया में गूंज हो रही है। प्रधानमंत्री भी विदेशों में प्रयागराज कुंभ की विशेषताएं बता रहे हैं।
देश के तमाम शहरों में सिर्फ प्रयागराज का ही जिक्र होना हम सबके लिए गौरव की बात है। हमें स्वच्छता के लिए खुद संज्ञान लेकर दूसरों तक इसका संदेश देना होगा। डीएम ने कहा कि हमें देश और समाज के बारे में बेहतर सोच रखनी होगी। विशिष्ट अतिथि एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. एसपी सिंह ने स्वच्छता को सेहत के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण संतुलन के लिए प्लास्टिक कचरा नियंत्रण के स्वत: उपाय करने होंगे। अतिथियों का स्वागत करते हुए नेस्ले इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट अफेयर्स संजय खजुरिया ने कहा कि यह दो मिनट की शुरुआत समाजहित में मील का पत्थर साबित होगी। हालांकि इसमें अभी समय लगेगा लेकिन हम सब मिलकर प्रयास करेंगे।
उन्होंने बताया कि पूरी दुनिया में 1950 से अब तक 8.3 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न हुआ है। जिसमें केवल नौ प्रतिशत रिसाइकिल हुआ। 80 प्रतिशत कचरा जमीन में मिला दिया गया। भारत में भी हर साल 26000 हजार टन प्लास्टिक कचरा निकल रहा है, जिसके निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कंपनी मल्टी लेयर से मोनो लेयर प्लास्टिक की ओर अग्रसर हो रही है। अकेले नेस्ले ने एक वर्ष में 6000 टन प्लास्टिक का निस्तारण किया है।
कार्यक्रम में अतिथियों और विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। प्रतीक चिह्न और प्रमाणपत्र के साथ पुष्प गुच्छ प्रदान किए गए। इस मौके पर इविवि में मानव विज्ञान के डॉ. राहुल पटेल ने स्वच्छता पर अपनी एक पुस्तक नेस्ले के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट अफेयर्स संजय खजुरिया को भेंट की।
विशेषज्ञों ने दिए सुझाव
‘दो मिनट सफाई के नाम’ कार्यक्रम में सामूहिक परिचर्चा में विशेषज्ञों ने प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। उनकी राय रही कि जन जागरूकता के साथ सिटी टास्क फोर्स गठित कर जन जन को इस अभियान को जोड़कर जमीनी स्तर पर पर्यावरण प्रदूषण से मुक्ति के प्रयास किए जाएं। इसमें कुंभ मेला प्रयागराज के नोडल अधिकारी सैनिटेशन डॉ. वीके मिश्रा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बायोकेमेस्ट्री के विभागाध्यक्ष प्रो. अभय कुमार पांडेय, सीएमपी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद शर्मा, कुंभ मेला के चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष चौरसिया शामिल रहे। विशेषज्ञों ने प्लास्टिक कचरे के विकल्प बताए। इसके निस्तारण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों से बचाव की जानकारी दी।
इनकी रही सहभागिता
‘दो मिनट सफाई के नाम’ मुहिम से समाज के हर क्षेत्र से लोगों का जुड़ाव रहा। वरिष्ठ अधिवक्ता बीके श्रीवास्तव, पादरी राजेश जोसेफ, आरएस वर्मा, सीए पवन जायसवाल, आक्टा के डॉ. उमेश प्रताप सिंह, डॉ. कमलेश तिवारी, डॉ. आरएन पांडेय, डॉ. सीपी शर्मा, स्मिता अग्रवाल, व्यापारी नेता सरदार अजीत सिंह, विजय अरोरा, सुशील खरबंदा, शिवशंकर सिंह, कादिर भाई, रौनक गुप्ता, डॉ. अविनाश श्रीवास्तव, डॉ. मुनीश, रविशंकर द्विवेदी, कैट के महेंद्र गोयल, योगेश गोयल, आशीष गुप्ता, नाजिया नफीस, लालू मित्तल, राजू मरकरी, सुमित श्रीवास्तव, दिलीप चौरसिया, रवि तलवार आदि मौजूद रहे।