फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad University: Viral audio related to alleged beating of student sent to PMO

इलाहाबाद विवि : पीएमओ को भेजा छात्र की कथित पिटाई से संबंधित वायरल ऑडियो

Sun, 04 Feb 2024 01:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 04 Feb 2024 01:55 PM IST
सार

दो दिन पहले यह मामला सामने आया था। एसएसएल हॉस्टल के अंत:वासी अभिषेक गुप्ता ने खुद को प्रॉक्टर कार्यालय में बुलाकर प्राॅक्टोरियल बोर्ड के चार सदस्यों पर बंधक बनाकर पिटाई, गालीगलौज, धमकाने का आरोप लगाया था।

विज्ञापन
Allahabad University: Viral audio related to alleged beating of student sent to PMO
इलाहाबाद विवि के पुस्तकालय गेट पर प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंत:वासी की ओर से खुद की पिटाई के आरोपों के संबंध में ऑडियो वायरल करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय और डीजीपी को भेजी गई है। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शिकायत करते हुए एफआईआर और जांच कर कार्रवाई की मांग उठाई है।

गौरतलब है कि दो दिन पहले यह मामला सामने आया था। एसएसएल हॉस्टल के अंत:वासी अभिषेक गुप्ता ने खुद को प्रॉक्टर कार्यालय में बुलाकर प्राॅक्टोरियल बोर्ड के चार सदस्यों पर बंधक बनाकर पिटाई, गालीगलौज, धमकाने का आरोप लगाया था। उसने एक ऑडियो भी वायरल किया जिसके संबंध में उसका दावा है कि यह ऑडियो प्रॉक्टर कार्यालय में हुई उसी घटना का है। उसके मोबाइल से ही यह ऑडियो रिकाॅर्ड हुआ।

विज्ञापन


इस संबंध में पीएमओ को भेजी शिकायत में पूर्व आईपीएस ने आरोप लगाया है कि विवि के प्रॉक्टर और शिक्षकों पर छात्र को बंधक बनाने व खुलेआम गालियां देने के आरोप बेहद गंभीर हैं। ऐसे में ऑडियो की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाए। कुछ ऐसी ही मांग डीजीपी को भेजे गए शिकायती पत्र में भी की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर इस संबंध में आरोप लगाने वाले छात्र की ओर से कर्नलगंज थाने में दी गई शिकायत पर अभी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। एसीपी कर्नलगंज राजीव कुमार यादव का कहना है कि शिकायती पत्र के संबंध में जांच पड़ताल की जा रही है।

चूंकि अलग-अलग टीके उपलब्ध हैं, इसलिए अवधि अलग-अलग हो सकती है। लेकिन आम तौर पर कहें तो एचपीवी वैक्सीन 10 साल तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है। यदि आप टीका लगवाते हैं तो गर्भाशय ग्रीवा, योनि और वुल्वर कैंसर का खतरा कम हो जाएगा, फिर भी नियमित स्त्री रोग संबंधी परीक्षाओं और उचित निवारक देखभाल के लिए अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास जाना अभी भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि यदि आप हल्के या गंभीर रूप से बीमार हैं, तो सर्वाइकल कैंसर के टीके से बचना सबसे अच्छा है। गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण से बचना चाहिए। यदि आपको पहले से ही एचपीवी संक्रमण या एचपीवी-जनित बीमारी है तो सर्वाइकल कैंसर का टीका उपचार के रूप में काम नहीं करता है, हालांकि एचपीवी के अन्य प्रकारों से बचाने के लिए इसे अभी भी अनुशंसित किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed