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अंडरटेकिंग मांगे जाने पर शिक्षकों ने उठाए सवाल

Mon, 06 Jul 2020 12:51 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 12:51 AM IST
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Allahabad university travel allounces dispute
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में वर्ष 2012 से 2017 तक लगातार छह साल जून के महीने में परिवहन भत्ता लिए जाने के मामले में अंडरटेकिंग मांगे जाने पर शिक्षकों ने सवाल उठाए हैं। ऑटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एआर सिद्दीकी ने रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी को पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया है।
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जून में गर्मी की छुट्टी होती है और इस दौरान शिक्षकों को परिवहन भत्ते का भुगतान किया गया। सीएजी टीम की ओर से ऑडिट आपत्ति के बाद इविवि प्रशासन ने पत्र जारी कर शिक्षकों से अंडरटेकिंग मांगी है। साथ ही कहा है कि अंडरटेकिंग न देने पर संबंधित शिक्षक से रिकवरी की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारियों को पूर्व में दिए गए बोनस की वसूली से संबंधित आदेश भी जारी किए गए हैं। ऑटा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एआर सिद्दीकी ने रजिस्ट्रार एवं वित्त अधिकारी को लिखे पत्र में कहा है कि इविवि प्रशासन स्पष्ट करे कि क्या शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने क्या जबर्दस्ती पैसा ले लिया और अगर नहीं तो यह अनियमित भुगतान कैसे है। रजिस्ट्रार और वित्त अधिकारी भी शिक्षक रहे हैं, तो इस तरह का आदेश कैसे जारी कर सकते हैं। उन्होंने भी परिवहन भत्ता लिया होगा।
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प्रो. सिद्दीकी का कहना है कि इस भुगतान की फाइल बनी होगी, ड्राफ्ट लिखा गया होगा, प्रशासनिक आदेश जारी हुआ होगा, लिपिक, लेखाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी से आदेश को ठीक से पढ़ा होगा। वित्त अधिकारी ने इसकी स्क्रूटनी की होगी। शिक्षकों की सूची बनी होगी, जो बैंक को भेजी गई होगी और इसके बाद शिक्षकों के खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ होगा, ऐसे में शिक्षकों की गलती कहां है? प्रो. सिद्दीकी ने कहा है कि रजिस्ट्रार एवं वित्त अधिकारी भी शिक्षक हैं और उन्हें मालूम है कि विश्वविद्यालय में कई के महीने में वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाएं होती हैं। जून में प्रवेश परीक्षाएं होती हैं। शोध कार्य होता है और परीक्षाफल तैयार किए जाते हैं। ऐसे में जब ऑडिट आपत्ति आई तो इविवि प्रशासन ने इसका जवाब क्यों नहीं दिया। यह जांच का विषय है कि कार्यालय ऐसी गलतियां बार-बार क्यों कर रहा है?
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