इलाहाबाद विवि : छात्रों को धरना प्रदर्शन से उठाने पर धक्कामुक्की, प्रशासनिक कार्य और कक्षाएं रहीं बाधित
इविवि के चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह ने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है, जिसमें 12 छात्र नेताओं को आरोपी बनाया है और बाकी 200 अज्ञात हैं। तहरीर में लिखा है कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से तकरीबन 200 उपद्रवियों ने सीनेट परिसर के लाइब्रेरी गेट पर आवागमन बाधित कर दिया है।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के रजिस्ट्रार पर स्याही फेंके जाने की घटना के बाद इविवि प्रशासन भी हरकत में आ गया है। बृहस्पतिवार को आधी रात के बाद इविवि के सुरक्षा कर्मियों ने लाइब्रेरी के सामने मेन गेट पर धरने पर बैठे छात्रों को हल्का बल प्रयोग करते हुए हटा दिया। शुक्रवार सुबह फिर से वहां धरना शुरू हो गया।
छात्रों के मेन गेट के सामने धरने पर बैठने से परिसर में आवागम भी बाधित हो रहा है। इविवि के चीफ प्रॉक्टर डॉ. राकेश सिंह ने शुक्रवार को कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है, जिसमें 12 छात्र नेताओं को आरोपी बनाया है और बाकी 200 अज्ञात हैं। तहरीर में लिखा है कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से तकरीबन 200 उपद्रवियों ने सीनेट परिसर के लाइब्रेरी गेट पर आवागमन बाधित कर दिया है।
गेट बंद होने से विश्वविद्यालय का प्रशासनिक कार्य एवं कक्षाएं पूरी तरह से बाधित हैं और विद्यार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में अराजकता का माहौल है। चीफ प्राॅक्टर ने छात्र नेता अजय सिंह यादव, शिवम सिंह, सत्यम कुशवाहा, अमन सिंह, हंजला हसन, कार्तिकेय पति त्रिपाठी, अभिषेक गुप्ता, मंगला प्रसाद, आलोक सिंह, सुधीर कुमार यादव, मनीष कुमार एवं अमन सिंह और 200 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की लिए तहरीर दी है। वहीं, बृहस्पतिवार देर रात धरने से उठाए गए छात्र शुक्रवार सुबह 11 बजे आसपास फिर धरने पर बैठ गए और चीफ प्रॉक्टर की बर्खास्तगी की मांग पर अड़े रहे।
छात्रों के आक्रोश और उनकी संख्या को देखते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य एवं सुरक्षा कर्मियों ने उनसे दूरी बनाए रखी। चीफ प्रॉक्टर ने इविवि में किसी भी वक्त व्यापक हिंसा और तोड़फोड़ की आशंका जताते हुए पुलिस आयुक्त को भी पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है। उन्होंने छात्रों के समूह का नेतृत्व करने वाले पांच छात्रों के नाम आयुक्त को भेजे हैं। चीफ प्राक्टर का आरोप है कि ये प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों के विरुद्ध साजिश कर रहे हैं।
एमए छात्र ने प्रवेश निरस्त करने को लिखा पत्र
इविवि के प्राचीन इतिहास विभाग में एमए प्रथम वर्ष के छात्र केशव मिश्र ने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर प्रवेश निरस्त करने की मांग की है। केशव ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में छात्र की बर्बरतापूर्ण पिटाई को इसकी वजह बताया है। छात्र का कहना है कि वायरल ऑडियो रिकार्डिंग सुनने के बाद वह भय में है, क्योंकि इसमें शामिल एक शिक्षक प्राचीन इतिहास विभाग के है और मैं ऐसे प्रोफेसर से अपने भविष्य का निर्धारण नहीं कराना चाहता, जो छात्रों के साथ अभद्रता और मारपीट करते हो। छात्र ने आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्याही फेंकने की घटना की शिक्षकों, कर्मचारियों ने की निंदा
इविवि में रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकने के विरोध में इलाहाबाद विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (ऑटा) और इविवि के मिनिस्टरीयल एवं टेक्निकल स्टाफ यूनियन ने बैठक कर घटना की निंदा की। ऑटा अध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी ने कहा कि तीन दिनों से जारी अराजक गतिविधियां गंभीर चिंता का विषय है। ऑटा ने दो प्रस्ताव पारित किए, जिसके तहत मांग की गई कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित हो और कुलसचिव पर स्याही फेंकने वालों की 48 घंटे में गिरफ्तारी हो, वरना पुलिस आयुक्त कार्यालय पर घेराव किया जाएगा। वहीं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (ऑक्टा) के पदाधिकारियों ने भी आपात बैठक कर रजिस्ट्रार पर स्याही फेंकने और इविवि परिसर में अराजकता फैलाने वालों की गिरफ्तारी की मांग की।