फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Allahabad University: Moong production will increase with zinc oxide nano fertilizer, claims of improvement in

Allahabad University: जिंक ऑक्साइड नैनो उर्वरक से बढ़ेगा मूंग का उत्पादन, गुणवत्ता में भी सुधार का दावा

Sun, 08 Jun 2025 03:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Jun 2025 03:41 PM IST
सार

खास यह कि पहली बार इस तरह के किसी शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया है। इविवि में भौतिकी के विभागाध्यक्ष प्रो. केएन उत्तम और शोधार्थी एश्वर्य अवस्थी, आराधना त्रिपाठी, छवि व श्वेता शर्मा के इस शोध को इंटरनेशनल जनरल ऑफ रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी में प्रकाशन के लिए चयनित किया गया है।

विज्ञापन
Allahabad University: Moong production will increase with zinc oxide nano fertilizer, claims of improvement in
मूंग दाल। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विज्ञान और नवाचार की दुनिया में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के भौतिक विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों ने जिंक ऑक्साइड नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से मूंग के उत्पादन के साथ उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने और प्रोटीन एवं अन्य यौगिकों की मात्रा बढ़ाने में सफलता हासिल की है। खास यह कि पहली बार इस तरह के किसी शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया गया है। इविवि में भौतिकी के विभागाध्यक्ष प्रो. केएन उत्तम और शोधार्थी एश्वर्य अवस्थी, आराधना त्रिपाठी, छवि व श्वेता शर्मा के इस शोध को इंटरनेशनल जनरल ऑफ रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी में प्रकाशन के लिए चयनित किया गया है।

विज्ञापन


अध्ययन में यह पाया गया है कि जिंक ऑक्साइड नैनो कणों का उर्वरक के रूप में प्रयोग से मूंग के पौधों की जैव संरचना, वृद्धि दर, उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है, जिससे उत्पादन की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा जा सकता है। शोध के महत्व को देखते हुए शोधार्थी एश्वर्य अवस्थी को मेडीकैप विश्वविद्यालय, इंदौर में इस वर्ष छह से नौ मार्च तक आयोजित 33वीं राष्ट्रीय लेजर संगोष्ठी में सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र से पुरस्कृत किया गया।

विज्ञापन

उत्पादन में 120 फीसदी तक दर्ज की गई वृद्धि

प्रयोगशाला स्तर पर हुए इस शोध में जिंक ऑक्साइड नैनो उर्वरक के इस्तेमाल से मूंग के उत्पादन में 20 से 120 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई। प्रो. केएन उत्तम ने बताया कि शोध में इस्तेमाल किए गए जिंक ऑक्साइड नैनो उवर्रक की मात्रा के अनुपात में यह वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, इससे अधिक उत्पादन के लिए नैनो उर्वरक का इस्तेमाल हानिकारक साबित हो सकता है। प्रो. उत्तम का कहना है कि जिंक ऑक्साइड नैनो कणों की दीर्घकालिक उपयोगिता और पर्यावरण प्रभाव को ध्यान में रखते हुए इस तकनीक का उपयोग उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर दालों के आयात पर निर्भरता घटाएगा।

शोध में नोबेल विज्ञानी की खोज के परिवर्तित संस्करण का हुआ इस्तेमाल

शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित कनफोकल माइक्रो रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक का प्रयोग कर मूंग के पौधों पर जिंक ऑक्साइड नैनो कणों के प्रभाव का अध्ययन किया। यह उस तकनीक का परिवर्तित संस्करण है, जिसे नोबेल विज्ञानी सीवी रमन ने सन 1928 में अधिकृत किया था और इस खोज के लिए उनको 1930 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। इसमें एआई के इस्तेमाल को अलग से शामिल किया गया।

ऐसे किया गया विश्लेषण

प्रयोगशाला में मूंग के पौधे लगाए गए। जब पौधों में दूसरी पत्तियां निकल आईं तो उनपर जिंक ऑक्साइड नैनो कणों का इस्तेमाल किया गया। दस दिन बाद उसका स्पेक्ट्रा लिया गया और एआई आधारित मशीन लर्निंग एल्गोरिदम के साथ रमन स्पेक्ट्रोस्कॉपी का उपयोग करते हुए विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि मूंग के उत्पादन के साथ उसमें प्रोटीन और अन्य यौगिकों कार्बोहाइड्रेट, सेल्युलोज, लिगनिन, कैरोटिनाइड की मात्रा भी बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed