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इलाहाबाद विवि : वरिष्ठता निर्धारण पर मंत्रालय ने रजिस्ट्रार से मांगा जवाब

Thu, 17 Dec 2020 08:21 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 17 Dec 2020 08:21 PM IST
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Allahabad University: Ministry seeks response from registrar on seniority assessment
Allahabad University
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण को लेकर विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मनोविज्ञान विभाग की प्रो. नमिता पांडेय की शिकायत पर अब केंदीय शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले में इविवि के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। 
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इविवि में शिक्षकों की वरिष्ठता निर्धारण को लेकर विवाद काफी पुराना है। पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के जाने के बाद एक दिन के कुलपति बने प्रो. पीके साहू ने आदेश जारी किया था कि सभी शिक्षकों की वरिष्ठता से संबंधित लिस्ट को इविवि की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जाए। लेकिन, यह आदेश भी सिर्फ एक कागजों में सिमट कर रह गया।
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वरिष्ठता निर्धारण को लेकर इविवि में शिक्षकों का बड़ा तबका असंतुष्ट है। इन्हीं में से एक मनोविज्ञान विभाग की प्रो. नमिता पांडेय हैं। उनका दावा है कि वह कार्यवाहक कुलपति रहे प्रो. आरआर तिवारी और डीन आट्र्स से भी सीनियर हैं, लेकिन इविवि प्रशासन इसे मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने 30 अक्तूबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र भेजकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी।
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प्रो. नमिता ने अपनी शिकायत में कहा था कि 23 दिसंबर 1977 को उनका चयन अस्थायी लेक्चरर के पद पर हुआ था। 24 दिसंबर 1979 को स्थायी नियुक्ति हुई। कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत 13 सितंबर 1991 को कार्य परिषद से रीडर पद पर नियुक्त हुईं। अप्रैल 1993 में मनोविज्ञान में इंटरव्यू हुआ था। पद की कॉडर पोजीशन थी और पर्सलन प्रमोशन के लिए भी वह अर्ह थीं।


उन्होंने दोनों पदों पर ज्वाइन किया और कार्य परिषद ने उन्हें 1991 से रीडर मानते हुए पद के निर्धारित पे स्केल भी दी। इसके बावजूद उन्हें वरिष्ठता की सूची में नीचे रखा गया है। शिकायत के आधार पर मंत्रालय ने इविवि के रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर मामले में शीघ्र जवाब मांगा है। इस बारे में इविवि की पीआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि मंत्रालय को जवाब भेजा जा रहा है।
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