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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर होगा हॉस्टल
Thu, 05 Sep 2019 03:52 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
Prayagraj
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Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2019 03:52 AM IST
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Allahabad University Convocation
- फोटो : CITY DESK
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इविवि के दीक्षांत समारोह के मौके पर कैलाश सत्यार्थी रखेंगे नींव
समारोह की तैयारियां पूरी, यू-ट्यूब व छात्रावासों में होगा सीधा प्रसारण
प्रयागराज। इविवि के दीक्षांत समारोह के मौके पर विवि की ओर से अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास की नींव रखी जाएगी। छात्रावास की नींव समारोह के मुख्य अतिथि कैलाश सत्यार्थी और उनकी पत्नी सुमेधा कैलाश के साथ कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू रखेंगे। छात्रावास का निर्माण चैथम लाइन स्थित विवि की भूमि पर किया जाएगा। इसके लिए शताब्दी ब्वॉयज के पास जमीन चिह्नित की गई है, जो जुलाई 2020 तक बनकर तैयार होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी की ओर से इसके लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।
वहीं शिक्षक दिवस पर होने वाले इविवि के दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण हर छात्र इस देख सकेगा। इसके लिए हॉस्टलों में कॉमन हॉल में टीवी लगाए गए हैं और यू-ट्यूब का लिंक इविवि की वेबसाइट पर दिया जाएगा। दीक्षांत समारोह समिति के चेयरमैन प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय आईटी सेल के अधिकारी और फिल्म एवं थियेटर संकाय के शिक्षक इस पर हफ्ते भर से ही काम कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह के सीधे प्रसारण से हर छात्र जुड़ाव महसूस करेगा।
इसके अलावा समारोह के दौरान सीनेट हॉल में सुबह 9.30 से 9.45 के बीच 14 मिनट की टेली फिल्म भी दिखाई जाएगी। फिल्म में इविवि की उपलब्धियों को समेटा गया है। खास बात ये कि इसमें शिक्षकों की राय जानी गई है। फिल्म में विवि के विजयानगरम हॉल, सीनेट हॉल, विज्ञान संकाय, कला संकाय, वाणिज्य संकाय, सेंट ऑफ मीडिया स्टडीज और विवि के छात्रावासों के विवरण शामिल किए गए हैं।
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मुख्य अतिथि देंगे मेडल
दीक्षांत समारोह के दौरान छह चांसलर मेडल एवं 113 विश्वविद्यालय मेडल दिए जाएंगे। इस तरह कुल 119 मेडल दिए जाएंगे। चांसलर मेडल पाने वालों में स्नातक के दो और परास्नातक के चार विद्यार्थी शामिल हैं। कई छात्रों को दो या उससे अधिक विश्वविद्यालय मेडल दिए जाने हैं, सो मेडल पाने वाले छात्रों की कुल संख्या 63 है। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी अपने हाथों से मेडल प्रदान करेंगे। इस दौरान 181 शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। कुलपति पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को मानद उपाधि प्रदान करेंगे।
परिसर में दो गेटों से होगा प्रवेश
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसवेक दुबे ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर दीक्षांत समारोह वाले दिन सीनेट परिसर में प्रवेश दो गेट से होगा। चार पहिया वाहन से आने वाले शिक्षकों को केंद्रीय पुस्तकालय गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग से कार पास दिया गया है। वाहन पर पास चस्पा करना होगा। वहीं, मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं, दो पहिया वाहनों से आने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों एवं मीडिया कर्मियों को केपीयूपी हॉस्टल के सामने वाले गेट से प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें भी प्रवेश के लिए कार्ड दिए जाएंगे कार्ड के साथ पहचान पत्र भी दिखाना होगा। दोनों गेटों पर सुबह 7.30 बजे से कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे।
सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पांच द्वार
आयोजन स्थल सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए कुल 10 गेट हैं, लेकिन पांच गेट से ही प्रवेश के लिए पांच गेट खुले रहेंगे। इन सभी गेटों पर सुबह 7.30 बजे से ही कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे। अतिथियों, मीडियाकर्मियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट निर्धारित होंगे। वहीं छात्रसंघ भवन के गेट से सीनेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि गेट के बाहर सड़क पर भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है।
दीक्षांत समारोह पर विवि में कक्षाएं स्थगित
इविवि के रजिष्ट्रार की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि पांच सितंबर को दीक्षांत समारोह की सुरक्षा के मद्देनजर विवि में कक्षाएं स्थगित रहेंगी।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मिलने किया इनकार
इविवि के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी बुधवार को शहर पहुंच गए। उन्होंने इविवि के पुराने और वर्तमान छात्रसंघ के पदाधिकारियों को मिलने के लिए आमंत्रित किया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मौजूदा हालात को देखते हुए कैलाश सत्यार्थी से मिलने से इनकार कर दिया। इविवि की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि छात्रों की ओर से मंगलवार को कैलाश सत्यार्थी से आग्रह किया गया था कि वह समारोह में न आने आएं, जब उन्होंने हमारे आग्रह को स्वीकार नहीं किया तो अब उनसे मिलने का औचित्य नहीं है।
कैलाश सत्यार्थी का संक्षिप्त परिचय
दुनिया भर में बच्चों के अधिकार के लिए आवाज उठाने वाले कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। मध्य प्रदेश के विदिशा में 1954 में जन्में सत्यार्थी ने 1978 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद कुछ वर्ष तक इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ाया भी। 1980 में बचपन बचाओ आंदोलन की नींव रखी। इसके जरिए उन्होंने अब तक 88 हजार से अधिक बच्चों को बाल दासता से मुक्त करा कर उन्हें बेहतर जिंदगी देने का प्रयास किया।
कैलाश सत्यार्थी ने न्यायमूर्ति अंशुमान सिंह से की मुलाकात
इविवि दीक्षांत समारोह में आए कैलाश सत्यार्थी ने दिन में पूर्व राज्यपाल अंशुमान सिंह से मुलाकात की। इस दौरान इविवि के बारे जानकारी हासिल किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली और लंदन के आवास पर उनके पास बच्चों के लगभग 55 हजार निमंत्रण पत्र पड़े हैं। कहा कि यदि वह लंदन से दिल्ली न आते तो इविवि न आ पाते। उन्होंने विवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन सिंह की सराहना की।
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समारोह की तैयारियां पूरी, यू-ट्यूब व छात्रावासों में होगा सीधा प्रसारण
प्रयागराज। इविवि के दीक्षांत समारोह के मौके पर विवि की ओर से अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के नाम पर अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास की नींव रखी जाएगी। छात्रावास की नींव समारोह के मुख्य अतिथि कैलाश सत्यार्थी और उनकी पत्नी सुमेधा कैलाश के साथ कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू रखेंगे। छात्रावास का निर्माण चैथम लाइन स्थित विवि की भूमि पर किया जाएगा। इसके लिए शताब्दी ब्वॉयज के पास जमीन चिह्नित की गई है, जो जुलाई 2020 तक बनकर तैयार होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी की ओर से इसके लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।
वहीं शिक्षक दिवस पर होने वाले इविवि के दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण हर छात्र इस देख सकेगा। इसके लिए हॉस्टलों में कॉमन हॉल में टीवी लगाए गए हैं और यू-ट्यूब का लिंक इविवि की वेबसाइट पर दिया जाएगा। दीक्षांत समारोह समिति के चेयरमैन प्रो. रामेंद्र सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय आईटी सेल के अधिकारी और फिल्म एवं थियेटर संकाय के शिक्षक इस पर हफ्ते भर से ही काम कर रहे हैं। दीक्षांत समारोह के सीधे प्रसारण से हर छात्र जुड़ाव महसूस करेगा।
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इसके अलावा समारोह के दौरान सीनेट हॉल में सुबह 9.30 से 9.45 के बीच 14 मिनट की टेली फिल्म भी दिखाई जाएगी। फिल्म में इविवि की उपलब्धियों को समेटा गया है। खास बात ये कि इसमें शिक्षकों की राय जानी गई है। फिल्म में विवि के विजयानगरम हॉल, सीनेट हॉल, विज्ञान संकाय, कला संकाय, वाणिज्य संकाय, सेंट ऑफ मीडिया स्टडीज और विवि के छात्रावासों के विवरण शामिल किए गए हैं।
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मुख्य अतिथि देंगे मेडल
दीक्षांत समारोह के दौरान छह चांसलर मेडल एवं 113 विश्वविद्यालय मेडल दिए जाएंगे। इस तरह कुल 119 मेडल दिए जाएंगे। चांसलर मेडल पाने वालों में स्नातक के दो और परास्नातक के चार विद्यार्थी शामिल हैं। कई छात्रों को दो या उससे अधिक विश्वविद्यालय मेडल दिए जाने हैं, सो मेडल पाने वाले छात्रों की कुल संख्या 63 है। मुख्य अतिथि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी अपने हाथों से मेडल प्रदान करेंगे। इस दौरान 181 शोधार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। कुलपति पूर्व राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को मानद उपाधि प्रदान करेंगे।
परिसर में दो गेटों से होगा प्रवेश
चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसवेक दुबे ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर दीक्षांत समारोह वाले दिन सीनेट परिसर में प्रवेश दो गेट से होगा। चार पहिया वाहन से आने वाले शिक्षकों को केंद्रीय पुस्तकालय गेट से प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें अलग से कार पास दिया गया है। वाहन पर पास चस्पा करना होगा। वहीं, मेडल एवं डिग्री पाने वाले छात्र-छात्राओं, दो पहिया वाहनों से आने वाले शिक्षकों-कर्मचारियों एवं मीडिया कर्मियों को केपीयूपी हॉस्टल के सामने वाले गेट से प्रवेश दिया जाएगा। उन्हें भी प्रवेश के लिए कार्ड दिए जाएंगे कार्ड के साथ पहचान पत्र भी दिखाना होगा। दोनों गेटों पर सुबह 7.30 बजे से कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे।
सीनेट परिसर में प्रवेश के लिए पांच द्वार
आयोजन स्थल सीनेट हॉल में प्रवेश के लिए कुल 10 गेट हैं, लेकिन पांच गेट से ही प्रवेश के लिए पांच गेट खुले रहेंगे। इन सभी गेटों पर सुबह 7.30 बजे से ही कुलानुशासक मंडल के सदस्य मौजूद रहेंगे। अतिथियों, मीडियाकर्मियों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रवेश के लिए अलग-अलग गेट निर्धारित होंगे। वहीं छात्रसंघ भवन के गेट से सीनेट परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित होगा। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि गेट के बाहर सड़क पर भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है।
दीक्षांत समारोह पर विवि में कक्षाएं स्थगित
इविवि के रजिष्ट्रार की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि पांच सितंबर को दीक्षांत समारोह की सुरक्षा के मद्देनजर विवि में कक्षाएं स्थगित रहेंगी।
छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मिलने किया इनकार
इविवि के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी बुधवार को शहर पहुंच गए। उन्होंने इविवि के पुराने और वर्तमान छात्रसंघ के पदाधिकारियों को मिलने के लिए आमंत्रित किया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने मौजूदा हालात को देखते हुए कैलाश सत्यार्थी से मिलने से इनकार कर दिया। इविवि की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि छात्रों की ओर से मंगलवार को कैलाश सत्यार्थी से आग्रह किया गया था कि वह समारोह में न आने आएं, जब उन्होंने हमारे आग्रह को स्वीकार नहीं किया तो अब उनसे मिलने का औचित्य नहीं है।
कैलाश सत्यार्थी का संक्षिप्त परिचय
दुनिया भर में बच्चों के अधिकार के लिए आवाज उठाने वाले कैलाश सत्यार्थी को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। मध्य प्रदेश के विदिशा में 1954 में जन्में सत्यार्थी ने 1978 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद कुछ वर्ष तक इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ाया भी। 1980 में बचपन बचाओ आंदोलन की नींव रखी। इसके जरिए उन्होंने अब तक 88 हजार से अधिक बच्चों को बाल दासता से मुक्त करा कर उन्हें बेहतर जिंदगी देने का प्रयास किया।
कैलाश सत्यार्थी ने न्यायमूर्ति अंशुमान सिंह से की मुलाकात
इविवि दीक्षांत समारोह में आए कैलाश सत्यार्थी ने दिन में पूर्व राज्यपाल अंशुमान सिंह से मुलाकात की। इस दौरान इविवि के बारे जानकारी हासिल किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली और लंदन के आवास पर उनके पास बच्चों के लगभग 55 हजार निमंत्रण पत्र पड़े हैं। कहा कि यदि वह लंदन से दिल्ली न आते तो इविवि न आ पाते। उन्होंने विवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन सिंह की सराहना की।