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उत्पादन बढ़ने से आम आदमी की पहुंच में आया इलाहाबादी लाल अमरूद
Sun, 29 Dec 2019 01:22 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 29 Dec 2019 01:22 AM IST
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allahabadi amarood
- फोटो : प्रयागराज
इस भीषण सर्दी में सुर्खा अमरूद का रंग और चटख हो गया है। अधिक उत्पादन की वजह से इलाहाबादी अमरूद आम आदमी के दायरे में है और पिछले वर्ष की तुलना में सस्ता भी है। हालांकि , ठंड अधिक पड़ने की वजह से इसकी मांग में कमी आई है, जिससे किसान मायूस हैं।
सितंबर तक बारिश होने की वजह से अमरूद की फसल में बीमारी का खतरा बढ़ गया था। कीडे़ भी लगने लगे थे। लेकिन, ठंड बढ़ने के साथ बाजार लाल अमरूद से पट गया। कौशाम्बी के शहजातपुर के बागवान राजू सोनकर, बमरौली के असलम का कहना है कि इस बार सुर्खा अमरूद की पैदावार में तो इजाफा हुआ ही है, इसका लाल रंग भी खुलकर आया है।
सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के पास दुकान लगाने वाले बबलू सोनकर, अढ़तिया बाबू लाल का कहना है कि पिछले वर्ष खराब मौसम की वजह से अमरूद की पैदावार बहुत कम हुई थी। इससे अच्छा अमरूद भी 80 रु पये प्रति किलो से नीचे नहीं बिका। वहीं इस बार फुटकर बाजार में सुर्खा अमरूद 35 से 50 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। हालांकि, ठंड ज्यादा पड़ने से इसकी मांग में कमी आ गई है, जिससे अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। दुकानदारों को अब हाईकोर्ट खुलने और सामान्य मौसम के साथ बाजार में चहल-पहल बढ़ने का इंतजार है।
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वहीं उप निदेशक उद्यान डॉ.विनित कुमार का कहना है कि मौसम लगातार अमरूद के बाग के अनुकूल रहा। हालांकि, ठंड में अमरूद की मांग कम होने से किसानों में थोड़ी निराशा है।
साढ़े छह लाख क्ंिवटल से अधिक उत्पादन
कौशाम्बी जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम का कहना है कि इस बार एक पेड़ से 45 से 50 किलो अमरूद का उत्पादन हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। एक हेक्टेयर में औसतन ढाई सौ पेड़ होते हैं। इस लिहाज से इस बार साढे़ छह लाख से सात लाख क्ंिवटल अमरूद की पैदावार होने की उम्मीद है। कौशाम्बी के बागवान असलम के अनुसार रोजाना तकरीबन 40 टन अमरूद दूसरे प्रदेश और जिलों को भेजा जाता है।
अमरूद सेहत के लिए भी खास
अमरूद में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। ऐसे में अमरूद खाना पचाने में सहायक होता है। खास यह कि इसमें कोलेस्ट्राल नहीं पाया जाता तथा फैट और कार्बोहाइड्रेट भी बहुत कम मिलता है। इन वजहों से रक्तचाप और शुगर नियंत्रण में भी अमरूद कारगर है। होम्योपैथिक डॉ.रमनजी ने बताया कि अमरूद में विटामिन सी ज्यादा पाया जाता है जो त्वचा, आंख की बीमारियों में काफी लाभदायक है। अमरूद में बिटामीन-ए के अलावा पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, सोडियम आदि तत्व भी पाए जाते हैं। डॉ.रमनजी ने बताया कि इन खुबियों की वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता, वजन घटाने समेत इसके कई लाभ हैं।
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सितंबर तक बारिश होने की वजह से अमरूद की फसल में बीमारी का खतरा बढ़ गया था। कीडे़ भी लगने लगे थे। लेकिन, ठंड बढ़ने के साथ बाजार लाल अमरूद से पट गया। कौशाम्बी के शहजातपुर के बागवान राजू सोनकर, बमरौली के असलम का कहना है कि इस बार सुर्खा अमरूद की पैदावार में तो इजाफा हुआ ही है, इसका लाल रंग भी खुलकर आया है।
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सिविल लाइंस में पत्थर गिरजाघर के पास दुकान लगाने वाले बबलू सोनकर, अढ़तिया बाबू लाल का कहना है कि पिछले वर्ष खराब मौसम की वजह से अमरूद की पैदावार बहुत कम हुई थी। इससे अच्छा अमरूद भी 80 रु पये प्रति किलो से नीचे नहीं बिका। वहीं इस बार फुटकर बाजार में सुर्खा अमरूद 35 से 50 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। हालांकि, ठंड ज्यादा पड़ने से इसकी मांग में कमी आ गई है, जिससे अच्छे दाम नहीं मिल रहे हैं। दुकानदारों को अब हाईकोर्ट खुलने और सामान्य मौसम के साथ बाजार में चहल-पहल बढ़ने का इंतजार है।
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वहीं उप निदेशक उद्यान डॉ.विनित कुमार का कहना है कि मौसम लगातार अमरूद के बाग के अनुकूल रहा। हालांकि, ठंड में अमरूद की मांग कम होने से किसानों में थोड़ी निराशा है।
साढ़े छह लाख क्ंिवटल से अधिक उत्पादन
कौशाम्बी जिला उद्यान अधिकारी सुरेंद्र राम का कहना है कि इस बार एक पेड़ से 45 से 50 किलो अमरूद का उत्पादन हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। एक हेक्टेयर में औसतन ढाई सौ पेड़ होते हैं। इस लिहाज से इस बार साढे़ छह लाख से सात लाख क्ंिवटल अमरूद की पैदावार होने की उम्मीद है। कौशाम्बी के बागवान असलम के अनुसार रोजाना तकरीबन 40 टन अमरूद दूसरे प्रदेश और जिलों को भेजा जाता है।
अमरूद सेहत के लिए भी खास
अमरूद में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। ऐसे में अमरूद खाना पचाने में सहायक होता है। खास यह कि इसमें कोलेस्ट्राल नहीं पाया जाता तथा फैट और कार्बोहाइड्रेट भी बहुत कम मिलता है। इन वजहों से रक्तचाप और शुगर नियंत्रण में भी अमरूद कारगर है। होम्योपैथिक डॉ.रमनजी ने बताया कि अमरूद में विटामिन सी ज्यादा पाया जाता है जो त्वचा, आंख की बीमारियों में काफी लाभदायक है। अमरूद में बिटामीन-ए के अलावा पोटैशियम, आयरन, कैल्शियम, सोडियम आदि तत्व भी पाए जाते हैं। डॉ.रमनजी ने बताया कि इन खुबियों की वजह से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता, वजन घटाने समेत इसके कई लाभ हैं।