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दे झमाझम : गरजत, बरसत सावन आयो रे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 17 Aug 2015 11:58 PM IST
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चंबल की घाटी से होेते हुए गंगा के मैदान में पहुंची दक्षिण-पश्चिमी नम हवाओें के साथ हिमालय से पहुंची नम पुरवइया ने मौसम का पूरा गणित ही बदल दिया है। मौसम के बदले मिजाज का ही असर रहा कि पिछले दो दिन से बारिश हो रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे के बाद 9.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते पारा भी अचानक तीन डिग्री गिर गया। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री पहुंच गया।
बारिश का असर गर्मी और उमस पर भी पड़ा। अधिकतम आर्र्दता 99 फीसदी तक पहुंच गई। पारे में गिरावट और आर्र्दता में बढ़ोतरी ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी। दूसरी और मौसम के बदले मिजाज से विज्ञानी भी भौचक हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि चंबल की घाटी से होते हुए गंगा के मैदान में पहुंच रही दक्षिण पश्चिम नम पछुवा हवाएं चौंकाने वाली हैं। वैसे तो पछुवा हवाएं गर्म होती हैं। लेकिन चंबल की घाटी से होते हुए जो हवाएं आ रही हैं वह नम हैं। वहीं नम पुरवइया के गठजोड़ से बारिश का माहौल बन गया है। लेकिन बीच-बीच में आ रही राजस्थानी पछुवा हवाएं इसकी राह में बाधा बन रही है। यही वजह है कि कहीं झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं पर बूंदाबांदी भी नही हो रही है।
बारिश के चलते ट्रांसफार्मर फुंकने व जंफर उड़्ने से शहर के कई इलाकों में बिजली का गंभीर संकट रहा। शहर दक्षिणी के ककरहा घाट फीडर में डिस्क पंचर होने से सोमवार तड़के तीन बजे से लेकर सायं चार बजे तक आपूर्ति बाधित रही। डिस्क पंचर होने से नेहरू नगर, कमला नगर, मीरापुर समेत दो दर्जन मोहल्लों में बिजली संकट रहा।
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बारिश का असर गर्मी और उमस पर भी पड़ा। अधिकतम आर्र्दता 99 फीसदी तक पहुंच गई। पारे में गिरावट और आर्र्दता में बढ़ोतरी ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी। दूसरी और मौसम के बदले मिजाज से विज्ञानी भी भौचक हैं। मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि चंबल की घाटी से होते हुए गंगा के मैदान में पहुंच रही दक्षिण पश्चिम नम पछुवा हवाएं चौंकाने वाली हैं। वैसे तो पछुवा हवाएं गर्म होती हैं। लेकिन चंबल की घाटी से होते हुए जो हवाएं आ रही हैं वह नम हैं। वहीं नम पुरवइया के गठजोड़ से बारिश का माहौल बन गया है। लेकिन बीच-बीच में आ रही राजस्थानी पछुवा हवाएं इसकी राह में बाधा बन रही है। यही वजह है कि कहीं झमाझम बारिश हो रही है तो कहीं पर बूंदाबांदी भी नही हो रही है।
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बारिश के चलते ट्रांसफार्मर फुंकने व जंफर उड़्ने से शहर के कई इलाकों में बिजली का गंभीर संकट रहा। शहर दक्षिणी के ककरहा घाट फीडर में डिस्क पंचर होने से सोमवार तड़के तीन बजे से लेकर सायं चार बजे तक आपूर्ति बाधित रही। डिस्क पंचर होने से नेहरू नगर, कमला नगर, मीरापुर समेत दो दर्जन मोहल्लों में बिजली संकट रहा।
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