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फर्जीवाड़े से पाई नौकरी, ज्वाइनिंग से डर रहे
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:06 AM IST
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प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों (जीआईसी) के लिए हुई एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशकों की ओर से बार-बार प्रमाण पत्रों की जांच के बाद किए गए चयन में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी पाने वालों ने अब नियुक्ति पत्र जारी करने के बाद भी ज्वाइन नहीं किया है। अकेले इलाहाबाद मंडल में 275 चयनित अभ्यर्थियों में मात्र 82 चयनित एलटी ग्रेड शिक्षकों ने नियुक्ति पत्र मिलने के बाद नौकरी ज्वाइन किया है।
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में खाली एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए 2014 में लगभग छह हजार पदाें की घोषणा की गई थी। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी प्रदेश केसभी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशकों को दी गई थी। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद कई मंडल में मेरिट तैयार करने में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद शासन के निर्देश पर अधिकांश मंडल में भर्ती प्रक्रिया रोककर दोबारा मेरिट तैयार की गई। दोबारा मेरिट तैयार करके काउंसलिंग कराए जाने के बाद भी शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। 275 शिक्षकों के चयन में मात्र 82 अभ्यर्थियों ने ही नौकरी ज्वाइन किया, शेष अभ्यर्थी पकड़े जाने के डर से नौकरी ज्वाइन करने नहीं आ रहे हैं।
इलाहाबाद मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि काउंसलिंग के बाद चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र उनके पते पर भेज दिया गया है, इसके बाद भी यह अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन करने नहीं आ रहे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले लोग प्रमाण पत्रों की जांच में पकड़े जाने के डर से नहीं पहुंच रहे हैं। अमर उजाला ने पूर्व में जीआईसी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने की बात उठाई थी। इलाहाबाद में चयनित अधिकांश अभ्यर्थियों केप्रमाण पत्र दूसरे राज्यों के थे।
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राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में खाली एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए 2014 में लगभग छह हजार पदाें की घोषणा की गई थी। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी प्रदेश केसभी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशकों को दी गई थी। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद कई मंडल में मेरिट तैयार करने में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद शासन के निर्देश पर अधिकांश मंडल में भर्ती प्रक्रिया रोककर दोबारा मेरिट तैयार की गई। दोबारा मेरिट तैयार करके काउंसलिंग कराए जाने के बाद भी शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया। 275 शिक्षकों के चयन में मात्र 82 अभ्यर्थियों ने ही नौकरी ज्वाइन किया, शेष अभ्यर्थी पकड़े जाने के डर से नौकरी ज्वाइन करने नहीं आ रहे हैं।
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इलाहाबाद मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि काउंसलिंग के बाद चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र उनके पते पर भेज दिया गया है, इसके बाद भी यह अभ्यर्थी नौकरी ज्वाइन करने नहीं आ रहे हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि फर्जीवाड़ा करने वाले लोग प्रमाण पत्रों की जांच में पकड़े जाने के डर से नहीं पहुंच रहे हैं। अमर उजाला ने पूर्व में जीआईसी एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किए जाने की बात उठाई थी। इलाहाबाद में चयनित अधिकांश अभ्यर्थियों केप्रमाण पत्र दूसरे राज्यों के थे।
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