फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   allahabad news

जरा बचके! दो सौ दवाओं में साइडइफेक्ट

Thu, 04 Feb 2016 01:14 AM IST
योगेंद्र पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
योगेंद्र पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 04 Feb 2016 01:14 AM IST
विज्ञापन
allahabad news
इलाहाबाद। जरा, जरा सी बात पर एंटीबॉयोटिक या दर्द निवारक गोलियाें का इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचिए।ये दवाएं शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बजाय आपको और बीमार कर सकती हैं। ये न केवल त्वचा संबंधी परेशानियां पैदा कर सकती हैं बल्कि लीवर, किडनी तक डैमेज कर सकती हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल (एमएलएनएम) कॉलेज के फार्मोकोलॉजी विभाग की ओर से दवाओं के साइडइफेक्ट को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट में उक्त चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। विभाग ने इस रिपोर्ट को ‘गाजियाबाद स्थित इंडिया फार्माकोलॉजी कमीशन’ को भी भेजा और कमीशन ने कई दवाओं पर चेतावनी भी जारी कर दी है।
विज्ञापन


मरीजों में शुरू हुई परेशानियाें के आधार पर एमएलएनएम कॉलेज में दवाओं की मॉनीटरिंग के लिए स्थापित सेंटर की ओर से जांच के बाद बीते डेढ़ साल में साइडइफेक्ट करने वाली दो सौ दवाआें की रिपोर्ट तैयार की गई है। ये मरीज एमएलएनएम कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में उपचार के लिए आए थे। डॉक्टर्स की सलाह पर जब उन्होंने दवाओं का सेवन किया तो उनमें चकत्ते पड़ना, लाल हो जाना, खुजली होना, उल्टी होना, बेहोशी की हालत मेें पहुंच जाना जैसी परेशानियां प्रत्यक्ष तौर पर देखी गईं जबकि कई लोगों में पेट की तकलीफें बढ़ गईं। यहां तक कि लीवर, किडनी पर इसका असर पाया गया।
विज्ञापन


सेंटर के विजिलेंस ऑफिसर वीरेंद्र सिंह कहते हैं कि साइडइफेक्ट देखकर ऐसी दवाओं के सेवन से मना कर दिया गया है। सबसे ज्यादा जिन दवाओं में साइडइफेक्ट पाए गए उनमें एंटीबॉयोटिक और दर्द निवारक गोलियां शामिल हैं। सबसे अधिक घातक एंटीबायोटिक दवाएं (टैबलेट, कैप्शूल दोनों) हैं। भेजी गई दो सौ दवाओं में से 60 से अधिक एंटीबायोटिक दवाएं ही हैं। दूसरे नंबर पर दर्द निवारक गोलियां हैं। कई कॅफ सीरप, इंजेक्शनों से भी लोगों को परेशानियां हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा एचआईवी की दवाओं के साइडइफेक्ट भी पाए गए हैं। फार्मोकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.आरके चौरसिया कहते हैं कि साइडइफेक्ट करने वाली दवाओं के नामों को गाजियाबाद स्थित इंडिया फार्माकोलॉजी कमीशन (आईएफसी) जारी करता है। जिन दवाओं के साइडइफेक्ट ज्यादा होते हैं, उनके लिए तुरंत चेतावनी जारी कर दी जाती है। इलाहाबाद सेंटर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर दर्जन भर दवाओं के बारे में चेतावनी जारी की गई है। वार्मिंग के जरिए चिकित्सकों को ऐसी दवाओं के सेवन की सलाह न देने के लिए सचेत किया गया है।


किसी भी मरीज को दवा, इंजेक्शन या फिर उपचार में इस्तेमाल होने वाली चीजों से अगर किसी भी तरह का साइडइफेक्ट होता है तो वे इसकी सूचना दे सकते हैं। इसके लिए स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों स्तर पर नंबर जारी किए गए हैं। स्थानीय स्तर पर नंबरों 0532-2256005, 7275020845 पर शिकायत की जा सकती है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 18001803024 पर काल करके साइडइफेक्ट की बात बताई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed